जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर वसुधैव कुटुम्बकम फाउंडेशन (रजि.) द्वारा स्पोर्ट्स स्टेडियम, बीएचईएल रानीपुर में भव्य योग सत्र का आयोजन किया गया। “योग फॉर सेल्फ एंड सोसाइटी” की थीम पर मॉर्निंग वॉक के साथ हुआ। इसमें 45 सदस्यों ने सक्रिय प्रतिभाग किया।
योग शिक्षक सुमित गोयल ने सबसे पहले सभी सदस्यों को योग का महत्व समझाते हुए सूक्ष्म व्यायाम से सत्र की शुरुआत कराई। इसके बाद क्रमवार अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी प्राणायाम कराया गया। मुख्य आसनों में सूर्य नमस्कार के 12 चरण, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, भुजंगासन, धनुरासन, शवासन सहित 20 से अधिक योगासनों का अभ्यास कराया गया।
सुमित गोयल ने कहा, _”योग कोई एक दिन का अभ्यास नहीं है, यह जीवन जीने की कला है। आज हमने जो आसन किए हैं, अगर इनमें से सिर्फ 4-5 आसन भी रोज 20 मिनट किए जाएं तो 80% लाइफस्टाइल बीमारियों से बचा जा सकता है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड, मोटापा, सर्वाइकल, कमर दर्द, माइग्रेन, डिप्रेशन, अनिद्रा – ये सभी बीमारियां गलत दिनचर्या की देन हैं। योग से शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक होता है, हार्मोन बैलेंस होते हैं और इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग होती है। वसुधैव कुटुम्बकम फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है कि वह समाज को मुफ्त में स्वास्थ्य का उपहार दे रही है।”


निधि अग्रवाल ने कहा, _”वसुधैव कुटुम्बकम फाउंडेशन का एकमात्र लक्ष्य ‘नर सेवा नारायण सेवा’ है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य को भूल गए हैं। मोबाइल, लैपटॉप और तनाव ने हमारी नींद और सेहत दोनों छीन ली है। इसी को ध्यान में रखकर हमने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर यह सत्र रखा। आज के सत्र में 25 साल से लेकर 65 साल तक के सदस्यों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। यह देखकर खुशी हुई कि महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी।कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को मौसमी फल, वितरित करे साथ ही स्कूल-कॉलेजों में जाकर बच्चों को भी योग से जोड़ेंगे, क्योंकि स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ भविष्य की नींव है।”_
संस्था की अध्यक्ष श्रीमती रेनू अरोड़ा ने कहा, _”वसुधैव कुटुम्बकम का अर्थ है – सम्पूर्ण धरती एक परिवार है। और एक परिवार तभी खुशहाल रह सकता है जब उसका हर सदस्य स्वस्थ हो। योग भारत के ऋषि-मुनियों द्वारा मानवता को दिया गया सबसे बड़ा उपहार है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करके भारत की इस प्राचीन विद्या को विश्व मंच पर सम्मान दिया। लेकिन दुख की बात है कि हम भारतीय ही योग को भूलते जा रहे हैं।


आज अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है, दवाइयों पर खर्च बढ़ रहा है, लेकिन 30 मिनट योग के लिए समय नहीं है। मेरी सभी बहनों-भाइयों से हाथ जोड़कर विनती है – सुबह 30 मिनट पहले उठ योग को समय दीजिए। वसुधैव कुटुम्बकम फाउंडेशन पिछले 3 साल से स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रहा है। योग दिवस के अलावा हम ब्लड डोनेशन कैंप, हेल्थ चेकअप कैंप, पौधारोपण अभियान भी चलाते हैं। हमारा सपना है कि हर घर योग से जुड़े।आज के इस सफल आयोजन के लिए मैं योग गुरु सुमित गोयल, संयोजक निधि अग्रवाल और अपने सभी साथियों का धन्यवाद करती हूं।”_
इस अवसर पर संस्था के सदस्य विनीत सिकोरिया, संगीता आहूजा, सोनिया भाटिया, रुचि तनेजा, शारदा बेदी, सोनिया अरोड़ा, उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।

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