जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। मनसा देवी मंदिर रोपवे फिर से चर्चाओं में आ गया है। इस बार टेंडर नहीं किराया बढ़ाने के मामले में करोड़ों का लेनदेन भाजपा के बोर्ड ने कर दिया है। पार्षदों को धनराशि का बंटवारा किया जा रहा है। किसी को डेढ़ लाख, किसी को लाख, किसी को 70, 50, 30 हजार दिए जा रहे हैं। बंटवारा मध्य हरिद्वार के पार्षद द्वारा किया जा रहा है। हालांकि इस बंटवारे की मार तो आम श्रद्धालुओं पर पड़ेगी। सही तरीके से बंटवारा न किए जाने को सभी पार्षदों का पारा चढ़ने लगा है।
मनसा देवी मंदिर पर श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन कराने के लिए ऊषा ब्रेकों कंपनी ने रोपवे लगाया हुआ है। रोपवे की अनुमति नगर निगम हरिद्वार से होती है। कंपनी का टेंडर बढ़ाने के लिए हर साल, तीसरे साल या पांच सालों में नगर निगम की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाया जाता है। इस बार का टेंडर तत्कालीन प्रशासक रहे पूर्व नगर आयुक्त वरूण चौधरी बढ़ा गए थे। वरूण चौधरी द्वारा निगम में सामान और भूमि खरीद का घोटाला हमेशा याद किया जाएगा। टेंडर बढ़ाने की संस्तुति नया बोर्ड भी कर चुका है।

अब रोपवे चला रही कंपनी ने चुपचाप 21 रुपये बढ़ा दिए है, जहां पहले किराया 199 रुपये था तो अब 220 रुपये हो गया है। किराया बढ़ाने का प्रस्ताव नगर निगम की बोर्ड बैठक में होना है तो पार्षदों को मैनेज करने के लिए खेला शुरू हो गया है। मध्य हरिद्वार का मंत्री का खास पार्षद रुपयों का बंटवारा होटल से कर रहा है। जो पार्षद सख्त है तो उसे ज्यादा और जो बेचारा है उसे मात्र 30 हजार रुपये में निपटाया जा रहा है।
बंटवारे का खेल जब खुला जब किसी पार्षद को 1.50 लाख तो किसी को 30 हजार रुपये दिए गए। हालांकि भाजपा की मेयर ने कितने में डील की इसका खुलासा होना बाकी है।
भाजपा के पार्षद या कांग्रेस के पार्षद, घर पर आ रही धनराशि को लेने से कोई इंकार नहीं कर रहा है।

