जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में किसानों के हित में खरीदे गए कृषि ड्रोन के उपयोग में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है। गन्ना विकास समिति लिमिटेड सीतापुर-ज्वालापुर के उपाध्यक्ष विशेष चौहान ने जिलाधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन सौंपकर बहुउद्देशीय जमालपुर किसान सेवा सहकारी समिति सहित अन्य समितियों में कृषि ड्रोन के उपयोग, संचालन एवं सरकारी धन के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा खेती को सरल, सुलभ एवं कम लागत वाला बनाने के उद्देश्य से कृषि ड्रोन उपलब्ध कराए गए थे, ताकि किसान कम समय में दवा एवं उर्वरक का छिड़काव कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। लेकिन जनपद की कुछ सहकारी समितियों में किसानों को इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे किसानों में निराशा व्याप्त है।
विशेष चौहान ने आरोप लगाया कि 08 मई 2026 को लगभग 60–70 बीघा कृषि भूमि में दवा एवं उर्वरक छिड़काव के लिए समिति में विधिवत आवेदन दिया गया था, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और बाद में आवेदन वापस कर दिया गया। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि किसानों के हित में खरीदी गई लाखों की योजनाओं का वास्तविक लाभ आखिर किसानों तक क्यों नहीं पहुंच रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर सरकारी धन का इसी प्रकार दुरुपयोग होता रहा, तो किसान आधुनिक कृषि तकनीकों से वंचित रह जाएंगे और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित होकर रह जाएंगी। किसानों को समय पर सुविधा न मिलना उनके आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिससे खेती की लागत बढ़ने और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार ने जिला सहायक निबंधक, हरिद्वार को आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं जिला सहायक निबंधक हरिद्वार ने तत्काल प्रभाव से अपर जिला सहकारी अधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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