ब्यूरो रिपोर्ट
‘शाका मारा जा सकता है, पकड़ा नहीं जा सकता।’लिखकर पुलिस को चुनौती देने वाली लुटेरी लेडी को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। वह दूसरे पति के साथ हरिद्वार में हनीमून मनाने के लिए एक आश्रम में ठहरी हुई थी।
सरधना थाना क्षेत्र के रार्धना-पाली कांवड़ पटरी मार्ग पर बीती 12 जून को पाली के पुल के पास पेटीएम कंपनी के बड़ौत जोन के अफसर से मारपीट कर बाइक व मोबाइल लूटकर बदमाश फरार हो गए थे। जिनमें चार बदमाशों में एक महिला भी थी। इसके बाद तीन बदमाशों को जेल भेज दिया गया था।
बदमाशों से पहचान होने के बाद महिला की तलाश में पुलिस ने दबिश दे रही थी। जिसमें वह सफल नहीं हुई थी। पुलिस का दावा है तभी आरोपित महिला ने इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल कर चुनौती दी थी कि ‘शाका मारा जा सकता है, पकड़ा नहीं जा सकता।’ पुलिस ने तकनीक की सहायता से आरोपित महिला को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। महिला अपने दूसरे पति के साथ हनीमून पर थी।
जिला मुजफ्फरनगर के थाना रतनपुरी क्षेत्र के मुजाहिदपुर गांव निवासी आकाश शर्मा पुत्र महेश शर्मा पेटीएम कंपनी में बड़ौत जोन के सेल्स विभाग में टीम लीडर के पद पर तैनात हैं। 12 जून को वह अपनी बाइक पर सवार होकर गांव जा रहे थे। जब वह सरधना थाना क्षेत्र के रार्धना-पाली कांवड़ पटरी मार्ग पर पाली पुल के पर पहुंचा था। तभी पहले से खड़े एक बदमाश ने अपनी बाइक उसकी बाइक के आगे लगाकर रोक दी थी।

उसी दौरान एक अन्य बाइक पर सवार होकर तीन नकाबपोश बदमाश और पहुंच गए थे। जिसके बाद आकाश के साथ मारपीट कर बाइक व मोबाइल लूटकर चले गए थे। इस दौरान लूट में एक महिला भी शामिल थी। इस मामले में पुलिस ने शनि उर्फ शिवम पुत्र बिजेंद्र निवासी शिव शक्ति नगर, अंकित व गौरव पुत्र सुधीर निवासी पाली को जेल भेज दिया था।
पूछताछ में बदमाशों ने ज्योति चौधरी निवासी पुत्री संजीव निवासी दबथुवा का नाम आया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित ज्योति के घर पर दबिश दी थी। लेकिन पकड़ी नहीं जा सकी। पुलिस के अनुसार कुछ समय बाद आरोपित ज्योति ने इंस्टाग्राम पर एक अपनी वीडियो प्रसारित की थी। जिसमें उसने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा था कि शाका मारा जा सकता है, पकड़ा नहीं जा सकता। हालांकि उक्त वीडियो 19 दिसंबर की बताई जा रही है।
उसकी गिरफ्तारी को पुलिस की तीन टीमें काम कर रही थीं। पुलिस ने आरोपित ज्योति को उत्तराखंड के जिला हरिद्वार में स्थित दत्त अतिथि गृह आश्रम से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पर किसी अन्य मामले में बाइक चोरी का भी आरोप है।
पहले को छोड़ दूसरे पति के साथ हनीमून पर थी ज्योति
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि पेटीएम अफसर से घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित ज्योति ने किठौर थाना क्षेत्र के ललियाना निवासी मोहित नागर से शादी की थी। जिसके बाद वह पुलिस से बचने के लिए पति के साथ हनीमून पर हरिद्वार आ गई थी। उसकी पहली शादी बुलंदशहर जिला निवासी सुनील से हुई थी।
शौक पूरा करने के लिए लूट की घटना को देती थी अंजाम
पुलिस के अनुसार ज्योति अपने शौक पूरा करने के लिए लूट की घटना को अंजाम देती थी। साथ ही सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय थी। इससे पहले रागनियों के कार्यक्रमों में डांसर के तौर पर काम करती थी।

