जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। सरकारी अधिकारी हो या कर्मचारी, बिना रिश्वत कोई भी काम करने को तैयार नहीं है। हालांकि अधिकारियों के इन कारनामों से भाजपा की धामी सरकार के खिलाफ आमजन का आक्रोश व्याप्त है। एक ही दिन में हरिद्वार जनपद के दो अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए है।
खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी और नारसन ब्लॉक में पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी को देहरादून की सतर्कता विभाग की टीम ने रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।
01— पहला सहायक कृषि अधिकारी गिरफ्तार
खानपुर निवासी शिकायतकर्ता के भाई ने कृषि यंत्र खरीदने के लिए सब्सिडी का आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन की फाइल आगे बढ़ाने के बदले खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता टीम ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की।
18 अगस्त मंगलवार को टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी अधिकारी ने 10 हजार रुपए की रिश्वत ली, सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

02— पीआरडी अधिकारी गिरफ्तार
रुड़की के नारसन ब्लॉक में तैनात प्रांतीय रक्षक दल के ब्लॉक एनफोर्समेंट ऑफिसर को विजिलेंस टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से अधिकारी और कर्मचारी भी सकते में आ गए।
जानकारी के मुताबिक, मुंडियाकी निवासी जोगेंद्र ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि नारसन ब्लॉक में तैनात कुलदीप द्वारा उनसे किसी काम के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच शुरू की और शिकायत की पुष्टि के लिए सुनियोजित तरीके से कार्रवाई की।
मंगलवार को विजिलेंस टीम ने नारसन ब्लॉक परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, टीम ने कुलदीप को पकड़ लिया। उसके पास से 35 हजार रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।
विजिलेंस टीम के अनुसार बरामद रकम में 500-500 रुपये के नोट शामिल थे। कार्रवाई के दौरान ब्लॉक परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
विजिलेंस की कार्रवाई की सूचना मिलते ही खंड विकास अधिकारी सहित ब्लॉक के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। विजिलेंस टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। रिश्वत किस काम के एवज में मांगी गई थी और मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
फिलहाल, विजिलेंस की इस कार्रवाई से नारसन ब्लॉक में चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
