ब्यूरो रिपोर्ट
डॉक्टर बनने का सपना संजोए छात्रा की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार छात्रा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में चयन न होने के बाद मानसिक तनाव में थी। शनिवार को उसने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में पहले उसे राठ के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मीरपुर जिले के राठ कस्बे के मोहल्ला दीवानपुरा निवासी महेंद्र साहू की पुत्री श्रुति साहू (18) डॉक्टर बनना चाहती थी। उसने नीट परीक्षा की तैयारी के लिए लंबे समय तक मेहनत की थी। हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में अपेक्षित अंक न मिलने से उसका मेडिकल कॉलेज में चयन नहीं हो सका। इसके बाद वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। परिजनों ने बताया कि शनिवार को श्रुति ने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन में राठ के अस्पताल ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोतवाल आनंद सिंह का कहना है कि घटना हमीरपुर जिले की है। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है।
पिता बोले- रिजल्ट के बाद बेहद टूट गई थी बेटी
रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता महेंद्र साहू ने बताया कि बेटी का सपना डॉक्टर बनने का था। नीट का परिणाम आने के बाद वह काफी निराश रहने लगी थी। परिवार के सभी सदस्य उसे समझा रहे थे कि एक परीक्षा जीवन का अंत नहीं होती और वह दोबारा तैयारी कर सकती है, लेकिन वह मानसिक रूप से इस असफलता से उबर नहीं सकी।

