जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
पुलिस के तीन जांबाज अधिकारियों की मौत की खबर सुनते ही पुलिस महकमे में कोहराम मच गया। गुरुवार की रात करीब 12.30 बजे एसपी संदीप सिंह, एएसपी प्रवेंद्र भारती, उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार, मधेपुरा थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, उदाकिशुनगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार समेत जिले के सभी वरीय पदाधिकारी भागे-भागे बेगूसराय पहुंचे।
बिहार के राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित भीषण हादसे में मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवाना थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की मौत ने पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। हादसे में निजी वाहन चालक ज्योतिष कुमार की भी मौत हो गई।
इलाज के दौरान साजन पासवान की मौत
एसपी संदीप सिंह समेत सभी अधिकारी सबसे पहले साहेबपुरकमाल पीएचसी पहुंचे जहां अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार और चालक ज्योतिष कुमार का शव रखा हुआ था। रतवारा थानाध्यक्ष साजन पासवान का अस्पताल में उपचार चल रहा था लेकिन कुछ देर बाद उनकी भी मौत हो गई।
10 जून की अलसुबह चार बजे अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र और रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान उदाकिशुनगंज पहुंचे। यहां बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की कार से तीनों पटना रवाना हुए। उदाकिशुनंज थाना के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र ज्योतिष कुमार को चालक के तौर पर साथ लेकर निकले थे।
बेगूसराय में पोस्टमार्टम बाद तीनों जांबाज अधिकारियों का शव लेकर लौट रहे एसपी संदीप सिंह ने कहा कि यह असहनीय पीड़ा है। इसको दर्द को बयां नहीं कर पाऊंगा। हमने तीन जांबाज अधिकारियों को खो दिया है।

रात 11 बजे उदाकिुशनगंज थानध्यक्ष से नीरज कुमार की हुई थी बात
उदाकिशुनगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार बताते हैं कि रात 11 बजे बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार से उनकी बात हुई थी। वे लोग उस वक्त बेगूसराय में थे। इसके बाद ठीक 12.30 बजे दुर्घटना की खबर मिली। इसके बाद वे लोग भागे-भागे साहेबपुरकमाल पहुंचे तो पीएचसी में शव देख कलेजा फट पड़ा।
वहीं मधेपुरा सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार बताते हैं कि जिनको जैसे ही जानकारी मिली वैसे ही बेगूसराय निकल पड़े। रात करीब 12.40 बजे फोन पर दुर्घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को फोन मिलाया। वरीय पदाधिकारी बेगूसराय रवाना हो चुके थे। वे भी तत्काल बेगूसराय निकल पड़े।

2009 बैच के थे कटिहार निवासी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र
सड़क हादसे के शिकार हुए अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र 2009 बैच के दारोगा थे। कटिहार जिले के मनिहारी थाना के आजमनगर निवासी पिता योगेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र ज्ञानेंद्र अमरेंद्र बेहद सरल स्वभाव के थे। सितंबर 2025 से अरार थाना में पदस्थापित थे।
ज्ञानेंद्र अमरेंद्र को 17 साल का एक पुत्र है। गर्मी की छुट्टी में पत्नी और बेटा अरार आया हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही मां-बेटा बेगूसराय रवाना हो गए।

कैमूर निवासी साजन पासवान की नहीं हुई थी शादी
आलमनगर प्रखंड अंतर्गत रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान 2018 बैच के दारोग थे। कैमूर जिला के भभुआ निवासी लक्ष्मण पासवान के पुत्र साजन पासवान की अभी शादी भी नहीं हुई थी।
अगस्त 2025 से बेलारी थाना में पदस्थापित थे।

डेहरी निवासी नीरज कुमार एक सप्ताह पूर्व ही बने थे थानाध्यक्ष
2018 बैच के दारोगा नीरज कुमार को एक सप्ताह पूर्व ही बेलारी थाना की कमान मिली थी। गया जिले के मूल निवासी नीरज कुमार का पूरा परिवार डेहरी आन सोन में रहता है।
पिता शारदा पासवान डेहरी में रेलवे में पदस्थापित हैं। इन दिनों पत्नी व बेटा भी मधेपुरा के उदाकिशुनगंज में रह रहा था। बेटा एक साल का है। मधेपुरा में पोस्टिंग मिलने के बाद विगत एक वर्षों से उदाकिशुनगंज थाना में पदस्थापित थे।
