ब्यूरो रिपोर्ट
पुणे के लोहगढ़ किले में बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआत में इसे एक दुखद हादसा माना गया, लेकिन पुलिस की जांच में यह एक खौफनाक हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। सिया बेकरी चलाती थी और चेतन चौधरी ड्राई फ्रूटस की सप्लाई करता था, दोनों की मुलाकात एक साल पहले दीपावली पर एक पार्टी में हुई थी।
केतन अग्रवाल ‘सक्सेस ग्रुप’ नाम की रियल एस्टेट कंपनी में डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) थे। ये केतन के पिता और उनके परिवार की पारिवारिक कंपनी है। केतन पुणे में ही रहते थे। उन्होंने बैब्सन F.W. ओलिन ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एंटरप्रेन्योरशिप में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की थी। उनके पास सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी से BBA की डिग्री भी थी। ये सभी जानकारी केतन के लिंक्डइन बायो से मिली है।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
पुलिस को जांच के दौरान किले के टिकट काउंटर के पास का एक सीसीटीवी फुटेज मिला। इसमें 26 साल के केतन अग्रवाल और 20 साल की सिया साथ चलते दिख रहे थे। उनके कुछ ही पीछे एक युवक चल रहा था जिसने शॉर्ट्स और हुडी पहनी थी। पुलिस को शक तब हुआ जब उन्होंने देखा कि उस दिन तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था। इतनी गर्मी में किसी का हुडी पहनना और चेहरा छिपाना असामान्य था। फुटेज में दिखा कि जब सिया पीछे मुड़कर देखती, तो हुडी वाला युवक तुरंत नीचे बैठ जाता था। बाद में इस युवक की पहचान सिया के प्रेमी चेतन चौधरी के रूप में हुई। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि हुडी पहना संदिग्ध युवक केतन से करीब 20-30 फीट पीछे चल रहा था और उसने हेडसेट भी लगा रखा था।
शादी से पहले हत्या की साजिश
केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी। नवंबर में उदयपुर के एक महल में उनकी भव्य शादी होने वाली थी। केतन अपने परिवार का रियल एस्टेट बिजनेस संभालते थे। जांच में पता चला कि सिया इस शादी से खुश नहीं थी। उसने केतन के परिवार से शादी एक साल टालने की बात भी कही थी। इसके बाद सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
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पहले भी की थी मारने की कोशिश
पुलिस ने बताया कि सिया ने केतन को कई बार लोहगढ़ किले पर चलने के लिए मजबूर किया। वह 31 मई को केतन को वहां ले गई थी। इसके बाद 4 जून को भी उसने जिद की, लेकिन केतन की मां ने उन्हें जाने नहीं दिया। केतन का पासपोर्ट भी रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया था, जिसकी वजह से उनका बाली जाने का प्लान रद्द हो गया। 14 जून को सिया ने केतन को किले से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन केतन ने एक झाड़ी पकड़ ली। तब सिया ने सांप होने का बहाना बनाकर बात संभाल ली थी।
कॉल रिकॉर्ड्स ने खोली पोल
पुलिस जांच में इस हत्याकांड से जुड़ी कई नई और अहम जानकारियां सामने आई हैं। कॉल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से पता चला कि सिया और चेतन ने पिछले सात महीनों में एक-दूसरे को 2,004 बार फोन किया था। दोनों के बीच कुल 238 घंटों तक बातचीत हुई थी। इन दोनों की मुलाकात एक बिजनेस इवेंट के दौरान हुई थी। सिया बेकरी का काम करती है, जबकि चेतन ड्राई फ्रूट्स के व्यापार से जुड़ा है। पुलिस ने जब चेतन के सोशल मीडिया प्रोफाइल की तस्वीरों का मिलान सीसीटीवी फुटेज से किया, जिससे शक यकीन में बदल गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए प्लान-सी भी तैयार कर रखा था। अगर पिछली कोशिशें नाकाम रहतीं, तो वे इस तीसरे प्लान को अंजाम देते।
केतन के पिता ने लगाया आरोप
केतन के पिता ने आरोप लगाया है कि सिया ने ही जानबूझकर पासपोर्ट छिपा दिया था ताकि बाली की ट्रिप रद्द हो जाए। पुलिस को सिया पर शक तब और गहरा हुआ जब उन्होंने देखा कि केतन की मौत के बाद उसके चेहरे पर कोई दुख नहीं था। फिलहाल अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
पकड़े जाने पर हुआ खुलासा
लोनावला ग्रामीण पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जब चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने सब सच उगल दिया। चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागना नहीं चाहती थी क्योंकि उसे डर था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। इसलिए उन्होंने केतन को मारने की साजिश रची। 18 जून को मौका पाकर उन्होंने केतन को खाई में धक्का दे दिया। पुलिस ने अब दोनों आरोपियों पर हत्या और साजिश का मामला दर्ज कर लिया है।

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