जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। अमेरिकन आश्रम को बचाने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा छेड़ी गई मुहिम ठंडी पड़ गई है। आश्रम और धार्मिक स्थलों को बचाने वालों ने पिछले तीन दिन से कार्रवाई के लिए कोई मांग नहीं उठाई, जबकि आश्रम को खरीदकर उसका भूगोल बिगाड़ने वाले ने दीवार भी करा ली है। हालांकि अमेरिकन आश्रम को व्यापारी ने बिना अधिकारियों की शह के नहीं नहीं खरीदी होगी। लेकिन विरोधी सुर ठंडे होने से उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
हरिद्वार धर्मनगरी में अनेकों आश्रम, धर्मशाला, अखाड़ों की बेसकीमती भूमि तबाह होती जा रही है। अखाड़े, आश्रम, धर्मशालाओं का भूगोल बिगाड़कर आलीशान होटल, फ्लैट, कॉलोनी कटकर कंक्रीट के महल खड़े हो गए हैं। अब हाल में अमेरिकन आश्रम की 03 बीघा भूमि बिकने का मामला सामने आया और खरीदने वाले मॉडल कॉलोनी चंद्राचार्य चौक निवासी व्यापारी ने खरीदकर भूमि में मिट्टी का भराव कराकर कब्जा करना शुरू कर दिया, तो बचाने के लिए भाजपा के दो युवा नेता सामने आए। उन्होंने जिलाधिकारी, एसएसपी, एचआरडीए उपाध्यक्ष को लिखित में शिकायत करते हुए आश्रम को बचाने की मुहिम शुरू की। लेकिन अब पिछले तीन दिनों से आश्रम या धार्मिक संपत्तियों या ऐतिहासिक विरासतों को बचाने वाले शांत हो गए है। अब शहर में उनकी भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए सवाल उठने लगे हैं कि आखिर एकदम से मामला उठाने वाले अब कैसे चुप हो गए हैं। उनके मुहं में दही जम गई है या कुछ ओर।
हालांकि इस अमेरिकन आश्रम की बेस कीमती भूमि को भी खरीदने वाला भी इनके आका का सबसे खास मित्र है। लेकिन अब बड़ा सवाल ये उठ रहा था कि ये दोनों नेता बिना आका के इशारे के पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं जाते तो प्रदर्शन करने का मकसद किया था। अब दोनों की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं।

