जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी शैलजा के नेतृत्व में हरिद्वार में हुए कांग्रेस के सफल कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधायक अनुपमा रावत के खासमखास सिपहसालार ने झगड़ा कर विफलता में बदल दिया। हालांकि एक दूसरे पर कमेंट किए जाने से दोनों नेताओं के बीच मारपीट हुई। एक को भागकर जान बचानी पड़ी।

हरिद्वार में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए बड़ा प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम रेलवे स्टेशन के सामने शिवमूर्ति खालसा होटल के सामने शुरू हुआ। प्रदर्शन के बाद शिवमूर्ति पर कांग्रेस के नेता जितेंद्र पंवार गुर्जर जोकि खानपुर विधानसभा से टिकट की मांग कर रहे हैं, वे समर्थकों के साथ कुर्सी पर बैठे थे।
वहीं से पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पति और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं विधायक अनुपमा रावत के खासम— खास सिपहसालार, जोकि हरीश रावत के सारथी बने हुए हैं, गुरजीत सिंह लहरी भी निकल रहे थे। दोनों का आरोप है कि एक दूसरे के गुरू नेता का नाम लेते हुए दोनों ने अपशब्दों का कमेंट कर दिया। एक दूसरे के अपशब्द इतने भी गंभीर थे कि गुरजीत लहरी ने जितेंद्र पंवार को कुर्सी से धक्का दे दिया।

जितेंद्र पंवार समर्थकों के साथ अपनी सार्वजनिक बेईज्जती को सहन नहीं कर सके और गुरजीत लहरी को घेर लिया। पंवार के समर्थकों ने गुरजीत लहरी के साथ जमकर हाथापाई कर दी। गुरजीत के परिजन ने भीड़ के चंगुल से जैसे तैसे कर निकाला और गुरजीत ने भागकर अपने को बचाया।
कांग्रेस की सफल रैली के बाद हुई मारपीट के बाद पूरा मामला चर्चाओं में बदल गया। प्रदेश प्रभारी के सामने कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सिपहसालार के द्वारा किए गए कृत्य से शर्मिंदा दिखे।
नेता कहते नजर आए कि कुमारी शैलजा के कार्यक्रम को विफल बनाने की साजिश थी, जोकि बर्दास्त नहीं की जाएगी।

गुरजीत लहरी विधायक अनुपमा रावत के खासम खास नेता में सुमार है, हरीश रावत खानपुर सीट से अपने पुत्र को चुनाव मैदान में उतारने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। बिना केंद्र के निर्देश के उन्होंने दिल्ली से लौटते समय स्वागत कार्यक्रम रखा और फिर धन्यवाद रैली निकालकर अपनी ताकत का एहसास कराने की कोशिश की। जबकि कार्यक्रम का शेडयूल जारी न होने से प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने नोटिस जारी किया, लेकिन इसके बावजूद हरीश रावत ने फिर भी रैली निकाली।

अनुशासन किया तार—तार
प्रदेश की प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के सामने, कांग्रेस के सबसे बड़े प्रदर्शन कार्यक्रम में अनुशासन को तार—तार कर दिया। हरीश रावत के खासम खास ने काजी निजामुद्दीन का खासम— खास और पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष जितेंद्र पंवार पर हाथ उठा दिया। बताते चले कि हरीश रावत ने अपनी फेसबुक पेज पर मंगलौर में बदलाव की बात लिखी थी। तभी से दोनों के समर्थक एक दूसरे के खिलाफ हो गए हैं।

