जोगेंद्र मावी, ब्यूरो

देहरादून। शिकायतकर्ताओं के मुंह पर बड़ा तमाचा लगा है। उत्तराखंड के पंचायतीराज विभाग में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) अतुल प्रताप सिंह के तबादले और सम्बद्धता के मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल के आदेश का पालन करते हुए शासन ने अतुल प्रताप सिंह को पुनः जनपद हरिद्वार में जिला पंचायत राज अधिकारी के पद पर यथावत तैनात कर दिया है।

पूरा मामला क्या था?

देहरादून सम्बद्धता और चम्पावत तबादला:

पंचायतीराज विभाग, उत्तराखंड शासन द्वारा 15 जून 2026 को एक आदेश जारी कर हरिद्वार के जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह को देहरादून निदेशालय में सम्बद्ध किया गया था। इसके बाद 15 जुलाई 2026 को शासन ने इस सम्बद्धता आदेश को निरस्त करते हुए उनका तबादला हरिद्वार से चम्पावत कर दिया था।

हाईकोर्ट का रुख और स्थगन:

शासन के इस फैसले के खिलाफ दायर मामले में हाईकोर्ट द्वारा 12 अगस्त 2026 को दिए गए आदेश के क्रम में, शासन ने 25 अगस्त 2026 को DPRO के चम्पावत तबादले वाले आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित (Abeyance) कर दिया था।

हाईकोर्ट की सुनवाई और अंतिम आदेश:

माननीय उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल में दायर रिट याचिका संख्या 471/2026 (अतुल प्रताप सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य) में 21 सितम्बर 2026 को विस्तृत सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता अतुल प्रताप सिंह को हरिद्वार में जिला पंचायत राज अधिकारी के पद पर ही कार्यभार ग्रहण कराने का स्पष्ट आदेश दिया।

शासन ने पूर्व आदेश रद्द कर हरिद्वार में दी नियुक्ति

हाईकोर्ट के 21 सितम्बर 2026 के निर्णय के बाद, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पाण्डे द्वारा शासन का नया आदेश जारी किया गया है। आदेश के तहत पूर्व में जारी दिनांक 15.06.2026, 15.07.2026 और 25.08.2026 के सभी तबादले/सम्बद्धता संबंधी आदेशों को अवक्रमित (रद्द) करते हुए अतुल प्रताप सिंह को जनपद हरिद्वार में जिला पंचायत राज अधिकारी के पद पर पूर्व की भांति यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।

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