जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान की राजनीति शास्त्र की शोधार्थी अनन्या शर्मा ने यंग रिसर्चर्स कांफ्रेंस 3.0 में द्वितीय स्थान प्राप्त कर हरिद्वार का नाम रोशन किया है। उन्होंने वीर नर्मदा साउथ गुजराज विश्वविद्यालय सूरत में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अनन्या शर्मा कनखल के विष्णुगार्डन निवासी समाजसेवी एवं एलआईसी के विकास अधिकारी आलोक शर्मा की पुत्री है।
अनन्या ने डिजिटल समाज में आर्टिफिशियियल इंटेलिजेंस, महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन विश्वविद्यालय के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की ओर से 18 और 19 सितंबर को आयोजित किया गया था। अनन्या शर्मा ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय विषयों पर गहन अध्ययन कर रही है। वह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, डिजिटल समाज और महिला सशक्तिकरण जैसे समकालीन मुद्दों पर स​क्रिय रूप से शोध करती है। उनके शोध पत्र का शीर्षक एल्गोरिद्मिक कल्चरल ट्रांसफोरमेशन इन डिजिटल सोसाइटीज एआई वीमेंस एम्पावरमेंट एंड इन्क्लूसिव डेवलपमेंट था। अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए अनन्या को द्वितीय स्थान के लिए साथ सर्टिफिकेट ऑफ ए​ग्रिसिएशन भी मिला। उनके परिजनों और शिक्षा जगत के लोगों ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है।


अनन्या की इस उपलब्धि पर हरिद्वार में शिक्षा जगत, परिवारजनों एवं उनके शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत अकादमिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि हरिद्वार और उत्तराखंड के लिए भी गौरव का विषय है।
हरिद्वार की इस युवा शोधार्थी की उपलब्धि यह संदेश देती है कि छोटे शहरों और उत्तराखंड की बेटियां भी उच्च शिक्षा, शोध एवं अकादमिक मंचों पर अपनी प्रतिभा और पहचान स्थापित कर सकती हैं।
अनन्या शर्मा का शोध कार्य विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान समय में ब्रिक्स, वैश्विक राजनीति, तकनीकी परिवर्तन, एआई, महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास जैसे विषय विश्व स्तर पर तेजी से चर्चा के केंद्र में हैं। इन समकालीन विषयों पर उनका अध्ययन और शोध युवा शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। मेहनत, शोध और ज्ञान के साथ आगे बढ़ती हरिद्वार की बेटी अनन्या शर्मा ने अकादमिक मंच पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और शहर का नाम गौरवान्वित किया है। अनन्या शर्मा को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल शोध एवं अकादमिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

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