जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार धर्मनगरी में अनेकों आश्रम, धर्मशाला, अखाड़ों की बेसकीमती भूमि तबाह होती जा रही है। अब अमेरिकन आश्रम की बेस कीमती भूमि को कैबिनेट मंत्री का चंद्राचार्य चौक मॉडल कॉलोनी का निवासी व्यापारी खासमखास ही खरीद रहा है और पिछले चार महीने से मिट्टी का भराव चल रहा है। लेकिन क्षेत्र के दो पार्षदों की निंद्रा किसके इशारे पर भंग हुई, यह तो विषय अलग है, लेकिन देखते हैं कि ये धार्मिक संपत्ति को बचाने के लिए कितने दिन तक अभियान चलाते हैं। या आका का फोन आते ही बिल में घुस जाएंगे। इनके आका के तमाम गुर्गों ने हरिद्वार की सैकड़ों ट्रस्ट की इमारतों का भूगोल बिगाड़ दिया, शायद जब ये बच्चे थे।


हालांकि अमेरिकन आश्रम की भूमि का एक हिस्सा 100 रुपये के स्टांप में ट्रस्ट से ट्रस्ट में तब्दील हो गई है। अब करीब 4 महीने बाद भाजपा के पार्षदों की निंद्रा टूटी है और लगातार सरकार के अधिकारियों से आश्रम का भूगोल न बदले, इसके लिए गुहार लगा रहे हैं, हालांकि पूरे प्रकरण में जांच के नाम पर अभी तक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। जनपद के शीर्ष अधिकारी ने अभी तक किसी लेखपाल तक को मौके पर भेजने की जहमत तक नहीं दिखाई।
अमेरिकन आश्रम की बेस कीमती भूमि पर रानीपुर मोड की मॉडल कॉलोनी निवासी एक बड़ा व्यापारी की निगाह लगी हुई है। आश्रम की भूमि पर काबिज होने के लिए पहले भराव शुरू कराया गया, ताकि इस बीच विरोध करने वालों की स्थिति स्पष्ट हो जाए।


अब आश्रम में काम शुरू होते देख भाजपा के दो पार्षद बेस कीमती भूमि को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वे कभी जिलाधिकारी के तो कभी पुलिस वालों के, तो अब एचआरडीए के कार्यालय में पहुंचे हैं। उनका मकसद साफ नजर आ रहा है कि अमेरिकन आश्रम की भूमि बिकने से बच जाए। यानि धार्मिक संपत्तियों का उपयोग या भूगोल न बदले। लेकिन हरिद्वार में इनके आका एवं उनके गुर्गों ने तमाम आश्रम, धर्मशालाओं का भूगोल बिगाड़ दिया है। तमाम संपत्ति ट्रस्ट में दर्ज कराकर अपने नाम करा ली है।
अब इस अमेरिकन आश्रम की बेस कीमती भूमि को भी खरीदने वाला भी इनके आका का सबसे बड़ा मित्र है। लेकिन अब बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि ये दोनों पार्षद बिना आका के इशारे के पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं जाते तो प्रदर्शन करने का मकसद किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *