जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार के लक्सर में पत्रकार संगठन और नायब नाजिर के बीच हुए विवाद का अंत हो गया। संगठन की मांग पर डीएम ने नाजिर का ट्रांसफर कर दिया है। संगठन ने कार्रवाई न किए जाने पर 29 मई से आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसके बाद प्रशासन को बैकफुट पर आकर फैसला लेना पड़ा। पत्रकारों ने नाजिर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था।
आरोप है कि 22 मई को लक्सर तहसील में तैनात नाजिर खुशहाल सिंह रावत ने तहसील में पत्रकारों के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद मामला गरमा गया था। पत्रकार संगठन ने कर्मचारी को तत्काल हटाए जाने की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर 29 मई से आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
आंदोलन को लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद और खानपुर विधायक उमेश शर्मा के साथ लक्सर के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल समेत कई संगठनों ने समर्थन दिया था। इस बीच 26 मई को दोनों पक्षों के बीच एसडीएम ने वार्ता कराने का प्रयास किया था। लेकिन वार्ता विफल रही थी। लेकिन आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा।
27 मई को डीएम ने कर्मचारी को लक्सर से हटाकर भगवानपुर तहसील में ट्रांसफर कर दिया। पत्रकार संगठन ने इस पर खुशी जताते हुए सभी संगठनों को समर्थन के लिए आभार जताया है।
लक्सर प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण सैनी ने सभी पत्रकारों की तरफ से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने पर धन्यवाद किया।
लक्सर तहसील व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पत्रकारों के साथ अभद्रता की जा रही है तो आम आदमी के साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा। इस कार्रवाई ने आमजन के बीच अच्छा संदेश देने का काम किया है।

