जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
मित्र पुलिस का स्लोगन अब उत्तराखंड पुलिस से दूर होता जा रहा है। तमाम ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां उत्पीड़न के चलते कई आत्महत्या हो चुकी है। सड़कों पर भी पुलिस का रोंद्र रूप लगातार सामने आ रहा है। पुलिस उत्पीड़न के चलते फिर से एक युवक ने अपनी जीवनलीला मिटा दी है।
नैनीताल के खैरना चौकी क्षेत्र में युवक द्वारा आत्महत्या करने के मामले में नैनीताल एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खैरना चौकी को सस्पेंड करते हुए सभी कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मृतक की बहन की तहरीर के आधार पर प्राथमिक रूप से कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मी पुलिस लाइन भेजा है। एसएसपी ने बताया कि बेतालघाट क्षेत्र के लोहाली गांव निवासी युवक बालम सिंह बिष्ट की आत्महत्या के मामले में उठे सवालों के बाद कार्रवाई की है। वहीं मृतक द्वारा पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए थे।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी का कहना है कि मामले की विवेचना और जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से हो सके, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल को बालम सिंह बिष्ट खैरना क्षेत्र में नदी और पहाड़ी का वीडियो बना रहा था। इसी दौरान उसकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया, जिसमें शराब के नशे में होने की पुष्टि होने पर पुलिस एक्ट में चालान कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि घर लौटते समय बालम ने अपनी बहन मुन्नी जलाल और जीजा को फोन कर बताया था कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया, उसका सिम कार्ड तोड़ दिया और पांच हजार रुपये भी छीन लिए।
आरोप है कि इसी मानसिक तनाव के चलते बालम ने आत्महत्या कर ली। मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में भी पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं। मामले में मृतक की बहन मुन्नी जलाल की तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी ने खैरना चौकी प्रभारी रमेश पंत सहित एक महिला पुलिसकर्मी समेत कुल पांच कर्मियों को चौकी से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया है. वहीं खैरना चौकी में नई तैनाती भी कर दी गई है। मृतक की बहन मुन्नी जलाल ने कहा कि परिवार को न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि मामला गंभीर है और प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना प्रभावित न हो, इसलिए संबंधित पुलिसकर्मियों को हटाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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