जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। उत्तराखंड किसान मोर्चा (अराजनैतिक) ने हरिद्वार तहसील में धरना प्रदर्शन करते हुए तहसील के साथ सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांग उठाई। साथ ही 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम एवं तहसीलदार को सौंपते हुए उनपर तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों ने कहा कि किसान और उनके परिवार से संबंधित सरकारी काम में यदि किसी कर्मचारी अधिकारी ने रिश्वत की मांग तो उनके खिलाफ जनांदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने अंकिता हत्याकांड़ की सीबीआई की भी जांच की मांग उठाई।
बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में टेंट लगाकर उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड के नेतृत्व में किसानों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। गुलशन रोड ने किसानों की समस्या उठाते हुए कहा कि जब सिंचाई की जरूरत होती है बिजली कटौती शुरू हो जाती हैं, विभागों में काम कराने के लिए जाते है तो सरकारी कर्मचारी बिना रिश्वत के काम नहीं करते। उन्होंने हरिद्वार तहसील में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार बताया। उन्होंने कहा कि पटवारियों का तो सबसे ज्यादा बुरा हाल है। भूमि नपाई का मामला आ जाए तो दोनों पक्षों से रिश्वत लेकर काम को ही अटका देते हैं।

जिला अध्यक्ष महकार सिंह और युवा जिला अध्यक्ष अक्षय चौधरी ने कहा कि सबसे ज्यादा किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। गन्ना मूल्य बढ़ाकर उसमें दो रुपये की कटौती किराये के नाम पर दी। इकबालपुर चीनी मिल ने आज तक भुगतान नहीं किया है। हरिद्वार के निवासियों का मूल निवास नहीं बनने से सरकारी नौकरियां नहीं मिल रही है। गांवों में शिक्षा और चिकित्सा का बुरा हाल है। कोई साधारण बीमारी भी हो जाए तो शहरों में जाना पड़ता है।
धरने पर कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, प्रदेश महासचिव वरुण बालियान, वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर आदि ने समर्थन दिया। धरने की अध्यक्षता सेवाराम चेयरमैन ने की।

धरने प्रदर्शन पर ये किसान रहे मौजूद
इस मौके पर राष्ट्रीय सलाहकार धर्मेंद्र चौधरी, जिला सचिव जमीर अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष शहबान, जिला महामंत्री युवा सत्यवीर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव संदीप चौधरी, तहसील अध्यक्ष दुष्यंत, अनुज यादव, धर्मेंद्र चौधरी किन्चू, अर्थव चौधरी, सरदार सुखदेव सिंह, जगराम चौहान, असजद, सुरेंद्र लंबरदार, नाथूराम चौधरी राहुल पदार्थ पंकज चौधरी, जयवीर, अमित शर्मा, हरदीप चौधरी आदि शामिल हुए।
ज्ञापन में ये उठाई मांगे
हरिद्वार जिले के निवासियों को मूल निवास प्रमाण पत्र दिए जाने, गढ़वाल व कुमाऊं के 10 नंबर प्रतियोगी परीक्षा को समाप्त किया जाए। हरिद्वार जिले में कृषि उपयोग बिजली का बिल माफ किया जाए।
तहसील में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार समाप्त किए जाए। इकबालपुर चीनी मिल का पुराना गन्ना भुगतान ब्याज सहित कराया जाए। हरिद्वार जनपद का नहर सिंचाई शुल्क माफ किया जाए। गन्ना मूल्य भुगतान में बढ़ा हुआ भाड़ा 2 रुपये प्रति क्विंटल वापिस कराया जाए। चीनी मिलो से किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस के रूप में दिलवाया जाए। गन्ना क्रय केंद्रों पर हो रही घटतौली समाप्त कराई जाए।

