जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
जमाना कितना भी भौतिकवादी, मतलबवादी या अन्य तरह के कमीनों का या शातिरों का चल रहा हो, लेकिन आज भी प्रेम दिवानों की दिवागनीयत के किस्से असलियत में हो रहे हैं। दिवानों का एक दूसरे पर मर मिटने और जान देने का मामला फिर से सामने आया है। चार साल तक चले प्रेम की कहानी मौत पर समाप्त हो गई।
दिल्ली रोड पर स्टेट बैंक कॉलोनी में लैब टेक्नीशियन केरलम निवासी सैम कमनिश (40) और रसूलपुर पापडे़की निवासी शिक्षिका आस्था (23) का शव मिला। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शवों को बाहर निकाला। जांच में सामने आया कि दोनों के बीच करीब चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के परिजन इसके खिलाफ थे। इसलिए दोनों ने यह आत्मघाती कदम उठाया। लैब टेक्नीशियन ने हाथ की नस काटकर फांसी लगाई, जबकि युवती की मौत जहर खाने के कारण मानी जा रही है। शिक्षिका के परिजन इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।

गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर पापड़ेकी निवासी आस्था बेहड़की के एक निजी स्कूल में शिक्षिका थी, जबकि युवक सैम शहर के मेडिग्राम अस्पताल में लैब टेक्नीशियन था। सैम पहले से विवाहित था। बुधवार सुबह आस्था स्कूल के लिए निकली थी, जो देर शाम तक घर नहीं पहुंची। तलाश शुरू की गई। पुलिस को युवती के पिता ने सैम का नाम लेकर बताया कि वह उससे बात करती थी, उस पर शक है।
छानबीन करती हुई पुलिस दिल्ली रोड स्थित मेडिग्राम अस्पताल पहुंची, जहां पता चला कि सैम कमनिश भी बुधवार को ड्यूटी से जल्दी घर चला गया था, जिसके बाद से उसका नंबर बंद है। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में आस्था और सैम कमनिश अस्पताल की एक कार से कहीं जाते दिखाई दिए।

पुलिस ने कार चालक से पूछताछ की। देर रात चालक पुलिस को सैम कमनिश के स्टेट बैंक कॉलोनी में किराए के कमरे पर लेकर पहुंचा, जहां उसने दोनों को छोड़ा था। पुलिस और आस्था के परिजन तीसरी मंजिल पर सैम कमनिश के कमरे तक पहुंचे। वहां दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद दरवाजा तोड़ दिया गया। अंदर सैम कमनिश का शव कमरे की खिड़की के सहारे फंदे से लटका मिला। हाथ की नस भी कटी हुई थी। फर्श पर आस्था का शव पड़ा था। उसके मुंह से झाग निकल रहा था।
पुलिस ने रात में ही दोनों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद आस्था का शव पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने सैम की पत्नी को दिल्ली से बुलाकर उन्हें शव सौंप दिया।

पहले ली दर्द निवारक दवा, फिर काटी हाथ की नस
पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि लैब टेक्नीशियन सैम कमनिश ने आत्महत्या करने से पहले दर्द निवारक दवा ली। क्योंकि कमरे के अंदर कई शीशियां और दर्द निवारक दवाओं के रैपर मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सैम ने आस्था की मौत के बाद उसे गला लगाया था। आस्था के कपड़ों पर खून लगा है।
एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का आया है। युवती के परिजनों की तरफ से अभी तक तहरीर नहीं मिली है। कमरे से दवा और सर्जिकल उपकरण भी मिले हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है।
चार साल पहले अस्पताल में हुई थी पहली मुलाकात
पुलिस के अनुसार, गागलहेड़ी क्षेत्र के रसूलपुर पापड़ेकी गांव निवासी आस्था की मां का करीब चार वर्ष पहले दिल्ली मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में हृदय रोग का उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान आस्था कई दिनों तक अस्पताल में रही। इसी दौरान उसकी मुलाकात वहां कार्यरत लैब तकनीशियन सैम कमनिश से हुई। परिचय धीरे-धीरे बातचीत में बदला और फिर दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

खून से लिखा संदेश
घटनास्थल की जांच के दौरान कमरे की दीवार पर खून से लिखा ‘आई लव ऑल ऑफ यू’ और ‘सॉरी’ मिला।
पोस्टमार्टम में क्या सामने आया
पोस्टमार्टम में सैम की मौत का कारण आंशिक फंदा लगना बताया गया है। जांच में सामने आया कि उसने कपड़े सुखाने वाली रस्सी को खिड़की से बांधकर घुटनों के बल बैठते हुए पूरा भार फंदे पर डाला, जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई। वहीं आस्था की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। उसका विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया है।

पहले से विवाहित था सैम, पत्नी दिल्ली में करती है नौकरी
सैम मूल रूप से केरल का रहने वाला था। वह पहले से विवाहित था और उसका बारह वर्षीय बेटा भी है। उसकी पत्नी पिछले करीब तीन वर्षों से दिल्ली के एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। घटना की सूचना मिलने के बाद वह सहारनपुर पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने सैम का शव उसके परिजनों को सौंप दिया, जबकि आस्था का अंतिम संस्कार उसके परिवार ने किया।
परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार
आस्था के पिता ने पुलिस से कहा कि वह इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों, दवाओं, उपकरणों और विसरा जांच की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
