जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। लक्सर विकासखंड में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुशील सत्ती को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से जारी आदेश में उन पर ग्राम पंचायतों में सरकारी धनराशि के आहरण में नियमों का उल्लंघन करने और मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने के आरोप लगाए गए हैं।
आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम पंचायत अकबरपुर ऊद, दरगाहपुर, मुंडाखेड़ा कलां और नेतवाला सैदाबाद में राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर आवंटित अनुदान की धनराशि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किए बिना आहरित करने का मामला सामने आया। आदेश में क्रमशः 6.66 लाख, 9.45 लाख, 9.44 लाख और 0.51 लाख रुपये की धनराशि का उल्लेख किया गया है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए कार्रवाई की गई है।
आदेश में कहा गया है कि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), लक्सर की ओर से 22 अगस्त 2026 को मांगे गए स्पष्टीकरण का सुशील सत्ती ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। अन्य मामलों में भी स्पष्टीकरण नहीं देने की बात कही गई है। आदेश के मुताबिक, अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और वित्तीय नियमों के विपरीत धनराशि का आहरण गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सुशील सत्ती को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। उनके विरुद्ध आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा।
निलंबन अवधि में सुशील सत्ती को विकासखंड लक्सर के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। डीपीआरओ ने कहा कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता और अन्य देय भुगतान किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। कहा कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय समय में अनुपस्थित नहीं रहेंगे।

