जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। माननीय के कटआउट याद है ना। जिस कॉलेज के मालिक को माननीयों का संरक्षण हो उस पर पीड़ितों की आवाज का कोई असर नहीं पड़ेगा। अधिकारियों के बीच मध्यस्ता हुई, लेकिन कॉलेज संचालक ने सभी को दरकिनार रख दिया। कॉलेज के मालिक ने बिना एफिलिएशन ही एडमिशन लेकर सैकड़ों स्टूडेंट का एक साल बिगाड़ दिया, आगे भी मान्यता की कोई गारंटी न देख स्टूडेंट अपनी फीस मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें वह ​भी रिफंड नहीं की जा रही है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के साथ मातृ संगठन के पदाधिकारियों की खातिर करने के बदले में कोई भी उसके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है।


मामला रोहालकी किशनपुर स्थित केयर नर्सिंग कॉलेज का है। छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। कॉलेज प्रबंधन और छात्रों के बीच चल रहा विवाद का कोई समाधान नहीं निकल रहा है। मौके पर पहुंचे छात्र संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भी कोई समाधान नहीं निकल सका।


प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने दाखिले के समय इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से मान्यता प्राप्त होने का दावा किया था और इसी आधार पर उनसे एक वर्ष से लेकर छह माह तक की फीस अग्रिम जमा कराई गई। लेकिन अब सत्र पूरा होने के बाद कोर्स को कथित रूप से INC से मान्यता प्राप्त न होने की जानकारी सामने आने पर छात्रों में भारी रोष व्याप्त है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने मान्यता संबंधी दस्तावेज देखने के बाद ही कॉलेज में प्रवेश लिया था, लेकिन अब उनका एक साल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है।


बुधवार को कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए और कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रीति शिखा तथा कॉलेज मालिक राजकुमार शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने प्रबंधन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने और भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। इस दौरान “चोर-चोर” के नारों से कॉलेज परिसर गूंज उठा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और छात्रों का समर्थन किया। हालांकि घंटों चली वार्ता के बावजूद छात्रों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पाया।
मामले की जांच को मंगलवार को तहसीलदार सचिन कुमार और उप जिला चिकित्साधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के बीच बातचीत कर विवाद समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।


स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब छात्रों की पुलिस कर्मियों के साथ झड़प हो गई। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर के मुख्य दरवाजों पर ताला जड़ दिया और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक न कोई कॉलेज के अंदर जाएगा और न ही बाहर आएगा। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन तेज करने की भी चेतावनी दी है।
फिलहाल कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

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