जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
सरेआम प्रोफेसर की हत्या करने वाले बदमाश का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। कुख्यात बदमाश मुनीर गिरोह का सक्रिय सदस्य था।
अलीगढ़ में हत्या के आरोपी जुबैर को एसटीएफ ने मेरठ के लोहियानगर स्थित अलीपुर में एनकाउंटर में ढेर कर दिया। जुबैर पर एक लाख का इनाम था। जुबैर कुख्यात मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था और उस पर हत्या, लूट व डकैती सहित दो दर्जन से अधिक संगीन अपराध दर्ज थे।
एसटीएफ की टीम ने बुधवार तड़के अलीपुर थाना लोहिया नगर क्षेत्र में संदिग्ध बदमाश जुबैर को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, जुबैर ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक बाइक, 32 बोर की दो पिस्टल, भारी मात्रा में खोखे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
आपराधिक इतिहास
जुबैर का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था। वह मुनीर गैंग का एक महत्वपूर्ण सदस्य था और उस पर विभिन्न थानों में हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे।


अलीगढ़ में हत्या का मामला
जुबैर पर 24 दिसंबर 2025 को थाना सिविल लाइन, अलीगढ़ क्षेत्र में राव दानिश हिलाल की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। इस संबंध में थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में उस पर अलीगढ़ पुलिस द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
अन्य मामले
इसके अलावा जुबैर के खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली के विभिन्न थानों में लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कई मामले दर्ज हैं।
जुबेर ने की हैं ताबड़तोड़ वारदात
जुबैर पुत्र रफतउल्ला निवासी गांव नौशा (अलीगढ़) और हाल निवासी शाहीन बाग दिल्ली एक शातिर अपराधी था। वह कुख्यात मुनीर गिरोह का अत्यंत सक्रिय सदस्य था। उसके विरुद्ध हत्या, लूट एवं डकैती जैसे दो दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज थे। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली के विभिन्न थानों में भी उसके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत थे।
दानिश हिलाल हत्याकांड में तलाश रही थी पुलिस
जुबैर की तलाश अलीगढ़ पुलिस को विशेष रूप से दिसंबर 2025 में हुई राव दानिश हिलाल की हत्या के मामले में थी। अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अमीर निशा मार्ग पर जुबैर ने अपने साथियों के साथ मिलकर दानिश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दानिश एएमयू में शिक्षक थे। इस घटना के बाद से जुबैर फरार चल रहा था और अलीगढ़ जनपद की ओर से उस पर 1 लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।

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