ब्यूरो रिपोर्ट
अपहरण के मामले में दबिश देने हरियाणा के जींद जा रही उरई कोतवाली पुलिस टीम की स्कॉपियो सुबह साढ़े दस बजे के करीब ओवरटेक करने में आगे जा रहे वाहन से टकरा गई। नूंह जनपद के तावड़ू सदर थाना क्षेत्र के कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर धुलावट टोल प्लाजा के पास इस हादसे में चौकी इंचार्ज, दरोगा, दो सिपाहियों और वादी समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि अपहरण के सिलसिले में हुई शिकायत के आधार पर अमरीक की ही स्कार्पियो कार से पुलिस टीम हरियाणा के लिए सोमवार देर रात निकली थी। गाड़ी अमरीक ही चला रहे थे। मंगलवार फोन पर सूचना मिली कि पुलिस कर्मियों की स्कार्पियो किसी वाहन से टकरा गई। हादसे में उरई कोतवाली में तैनात कासगंज थाना जटमाली ग्राम अलीपुर निवासी उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह (58), कन्नौज थाना सौरिख ग्राम आदमपुर निवासी मंडी चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव (35), रायबरेली थाना मिल एरिया आंबेडकर नगर निवासी सर्विलांस सेल में तैनात आरक्षी प्रदीप कुमार (28), बांदा थाना बबेरू ग्राम ब्योवजा निवासी आरक्षी अशोक कुमार (27) व पंजाब के जिला संगरूर थाना मूनक गांव बुसेरा निवासी वादी अमरीक सिंह (40) की मौत हो गई। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही इसकी जानकारी जिले में लगी तो विभाग के अलावा जिले में भी शोक की लहर दौड़ गई।


जालौन के उरई की मंडी चौकी में तैनात उपनिरीक्षक मोहित यादव की सड़क हादसे में हुई मौत से पुलिस महकमे में शोक की लहर है। उपनिरीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि हादसे वाली रात करीब 3 बजे तक मोहित यादव ने उनके साथ क्षेत्र में गश्त की थी।
इसके बाद वह एक मामले में दबिश देने के लिए हरियाणा रवाना हो गए थे। गश्त के दौरान वह पूरी तरह सामान्य थे, साथियों के साथ बातचीत कर रहे थे और ड्यूटी को लेकर पूरी तरह सतर्क थे।
साथी बताते हैं कि मोहित यादव ड्यूटी के दौरान अनावश्यक तनाव नहीं लेते थे और हमेशा अपने स्टाफ का ख्याल रखते थे। यही वजह है कि उनकी मौत की खबर ने पूरे चौकी स्टाफ को भीतर तक झकझोर दिया।
करीब तीन माह पहले ही उनकी यहां तैनाती हुई थी, लेकिन कम समय में ही उन्होंने अपने व्यवहार और कार्यशैली से साथियों के बीच खास पहचान बना ली थी। इसके अलावा मौजूदा समय में चौकी पर दरोगा अनिल कुमार, सिपाही ललित, अनुज कुमार, गौतम बाबू और कोमल सोलंकी भी तैनात हैं। सभी साथी उनकी असमय मौत से गहरे सदमे में हैं।
साहब जल्दी चलो..भाई को बचाने की गुहार, लेकिन नहीं टल सकी अनहोनी
साहब जल्दी चलो, कहीं वह हमारे भाई के साथ अनहोनी न कर दें। सोमवार की सुबह कार सवार लोग बिजेंदर को खेत से उठा ले गए। इस पर अमरीक ने कोतवाली पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। जब अधिक समय बीतने के बाद भी उसका कहीं कोई पता नहीं चला तो अमरीक ने फोन किया और कहा कि साहब जल्दी चलो कहीं वह (आरोपी) उसके भाई के साथ अनहोनी न कर दें।
पुलिस की माने तो बिजेंदर का हरियाणा में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और वही लोग उन्हें यहां से उठाकर ले गए थे। इस पर इसकी कमान मोहित यादव को सौंपी गई, क्योंकि वह एसओजी में भी रहे हैं, वह टीम के साथ तीन बजे निकल गए और वह आरोपियों के पास पहुंच भी नहीं पाए थे कि हादसा हो गया।


ड्राइवर ने दी थी हिदायत- साहब, बदल-बदल कर चलाना, फिर भी हो गया हादसा
हरियाणा के लिए निकली पुलिस टीम के सफर के दौरान चालक ने पहले ही थकान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। बताया गया कि अमरीक के ड्राइवर लल्ली ने जाने से पूर्व पुलिस कर्मियों से कहा था कि साहब गाड़ी बदल-बदल कर चलाना, वह (अमरीक) ज्यादा देर तक नहीं चला पाते हैं।
पंजाब के जनपद सिंगरूर के थाना मूनक क्षेत्र के वुसेरा गांव निवासी अमरीक सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने उरई शहर कोतवाली क्षेत्र के रिनिया गांव निवासी अभिष्ठ तिवारी से 32 एकड़ कृषि भूमि 35 हजार रुपये के हिसाब से बलकट पर ली थी। इसमें उनकी मौसी का लड़का हरियाणा के जिला जींद के थाना सिविल लाइन के सब्जी मंडी रोड अमहेड़ी निवासी बिजेंदर भी पार्टनर था।
चार मई की सुबह करीब छह बजे वह नलकूप की कोठी पर सो रहे थे। कोठी का दरवाजा खुला था। चार लोग आए और बिजेंदर को उठा ले गए। वह बिजेंदर का चारपाई पर रखा मोबाइल भी साथ ले गए। उसने बाहर जाकर देखा तो सफेद रंग की कार से बिजेंदर लेकर गए थे। अपहरण की सूचना पर कोतवाली पुलिस में खलबली मच गई।


एसआई सत्यभान सिंह करीब 20 वर्षों से फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद के बीच बढ़पुर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार में उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे मंजीत सिंह की शादी हो चुकी है और उनकी उम्र करीब 26 वर्ष है।
दूसरा बेटा विशाल 23 वर्ष और सबसे छोटा बेटा बाबू 18 वर्ष का है। उनकी बड़ी बेटी आनंदी (30 वर्ष) और छोटी बेटी पूनम (28 वर्ष) की भी शादी हो चुकी है। हादसे की खबर के बाद अलीपुर दादर में रहने वाले उनके भाई परिवार के साथ फतेहगढ़ रवाना हो गए।
चार मई को हुआ था अपहरण
पंजाब के जनपद सिंगरूर के थाना मूनक क्षेत्र के वसेरा गांव निवासी अमरीक सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने उरई शहर कोतवाली क्षेत्र के रिनिया गांव निवासी अभिष्ठ तिवारी से 32 एकड़ कृषि भूमि 35 हजार रुपये के हिसाब से बलकट पर ली थी। इसमें उनकी मौसी का लड़का हरियाणा के जिला जींद के थाना सिविल लाइन के सब्जी मंडी रोड अमहेड़ी निवासी बिजेंदर भी पार्टनर था। चार मई की सुबह करीब छह बजे वह नलकूप की कोठी पर सो रहे थे। कोठी का दरवाजा खुला था। चार लोग आए और बिजेंदर को उठा ले गए। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि अपहरण के सिलसिले में हुई शिकायत के आधार पर अमरीक की ही स्कार्पियो कार से पुलिस टीम हरियाणा के लिए सोमवार देर रात निकली थी। गाड़ी अमरीक ही चला रहे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *