जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार जिले में संत रविदास की शोभायात्रा निकालने के बाद प्रसाद वितरण के दौरान दो पक्षों में हुए विवाद में पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एसएसपी ने पहले चौकी इंचार्ज और दो कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया था, तो अब एसएसपी ने भगवानपुर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी के साथ एसएसआई रमेश सैनी को भी लाइन हाजिर कर दिया है। इस विवाद और झड़प में दो युवकों की मौत हो गई। हालांकि इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी ड्यूटी के प्रति सजग रहते हैं, लेकिन अधीनस्थों ने ड्यूटी सही नहीं की।

हरिद्वार जिले में भगवानपुर के बिनारसी गांव में रविवार एक फरवरी को संत रविदास की जयंती मनाई जा रही थी। इस दौरान प्रसाद वितरण कार्यक्रम में दो पक्षों में विवाद हो गया था। देखते ही देखते इस विवाद ने खूनी रूप धारण कर लिया। दो गुटों में पहले पत्थरबाजी और फिर फायरिंग हो गई। गोली लगने से दो व्यक्तियों की मौत हो चुकी है।
आनंद उम्र 28 वर्ष पुत्र लक्ष्मीकांत की गोली लगने से रविवार दिन में ही मौत हो गई थी। देर रात दूसरे गुट के मांगेराम की भी मौत हो गई। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि स्थिति अभी नियंत्रण में है।
रविवार को घटना के बाद एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया था कि पुलिस जांच में एक लड़का और एक लड़की को लेकर कोई विवाद की बात पता चली है, लेकिन उसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। गौरतलब है कि जिस शोभायात्रा में रविवार को नाच गाना चल रहा था, अचानक शोभायात्रा के बाद प्रसाद वितरण के दौरान उसमें शामिल दो गुटों में पहले मारपीट, पत्थरबाजी और फिर फायरिंग हो गई थी। देखते ही देखते शोभायात्रा स्थल पर खून बह गया था।
आपसी संघर्ष में इनकी हुई मौत-
आनंद पुत्र लक्ष्मीकांत (उम्र 28 वर्ष), निवासी- बिनारसी, भगवानपुर, हरिद्वार
मांगेराम, निवासी- बिनारसी, भगवानपुर, हरिद्वार
संघर्ष में घायल-
विकास पुत्र लक्ष्मीकांत (उम्र 25 वर्ष), निवासी- बिनारसी, भगवानपुर, हरिद्वार
योगेंद्र (उम्र 27 वर्ष), निवासी- बिनारसी, भगवानपुर, हरिद्वार।

गांव में पुलिस फोर्स तैनात:
बिनारसी गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद है। पुलिस की गांव पर पैनी नजर है। पुलिस अफसरों ने गांव के लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की है।
हिरासत में 40 से ज्यादा लोग
बवाल के बाद पुलिस ने गांव के 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एक पक्ष की ओर से आठ लोगों के खिलाफ हत्या बलवा और आगजनी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से 18 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है। गांव में बड़ी संख्या में पीएसी तैनात है। अधिकतर लोग पुलिस के डर की वजह से अपने घर छोड़कर भाग गए हैं।

