जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। उत्तराखंड में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में कैबिनेट मंत्री की पार्टनरशिप मदरहूड यूनिवर्सिटी को ईडी द्वारा सील किए जाने पर अन्य घोटालेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है। घोटालेबाजों में अधिकांश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए। घोटाला करने वाले अधिकांश लोग जेल की हवा खा चुके हैं। लेकिन अब फिर से ईडी की कार्रवाई होने से सभी बचने के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं।
समाजवृत्ति घोटाले में हरिद्वार जनपद के कई नामी गिरामी स्कूलों के नाम शामिल है। ये स्कूल भाजपा के ऐसे नेताओं के नाम है, जोकि विधानसभा चुनाव लड़ चुके है। जिनमें मुनीष सैनी के साथ पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन का भतीजा है, जोकि आजकल समाजसेवी बना हुआ है। मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन का भाई भी है, जोकि जेल काट चुका है। ऐसे कई अन्य नेताओं के नाम है जोकि बड़े नेताओं के गुरगे बने हुए हैं।
छात्रवृत्ति घोटाले में स्कूलों के नाम
बहादराबाद क्षेत्र के ओम बायो साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रुड़की, (ओम बायो साइंस एंड फार्मा कॉलेज, दौलतपुर रुड़की बहादराबाद) ने 2.48 करोड़, यूपी कॉलेज ऑफ पॉलिटेक्निक फॉर रिसर्च कमलापुर सहारनपुर ने 30 लाख, कृष्णा कॉलेज ऑफ लॉ कमालपुर सहारनपुर ने 19 लाख, हिमालयन ग्रुपप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट कालांब, सिरमौर नाहन, हिमाचल ने 16 लाख, स्वामी विवेकानंद पॉलिटेक्निक मधुबाला फतेहपुर सहारनपुर ने 11 लाख, एमआईएमटी छुटमलपुर सहारनपुर ने 10 लाख, ग्रीन वे इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज रूड़की देहरादून हाईवे पुहाना चौक रूड़की ने 1.96 करोड़, हिमालयन दून एकेडमी गागलहेडी रोड़ सिकंदरपुर भगवानपुर ने 2.54 करोड़ एवं सुभारती प्राईवेट आईटीआई सैनी कैंपस विलेज बेडपुर पिरान लियर मानूबास रोड़ तहसील रूडकी ने 1.18 करोड़ की छात्रवृति डकारी है। ग्रीनवे का ताल्लुक रूड़की के कांग्रेसी नेता अशोक चौहान से है।

