ब्यूरो रिपोर्ट
तीन प्रदेशों में बदमाशी का साम्राज्य स्थापित कर लूट, डकैती के साथ अन्य घटनाओं को अंजाम दे रहा 50 हजार का ईनामी बदमाश पुलिस ने निपटा दिया। बदमाश 10 साल से गिरोह चला रहा था।
झिंझाना से कसेरवा जाने वाले मार्ग पर बृहस्पतिवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दिल्ली के ओखला निवासी 50 हजार रुपये का इनामी रिहान मारा गया। उसका एक साथी मौके से भाग गया। बदमाश की फायरिंग में शामली कोतवाली पर तैनात सिपाही सुमित गोली लगने से घायल हो गया।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि देर रात सूचना मिली थी कि झिंझाना से कसेरवा गांव की ओर वाले मार्ग पर बाइक सवार दो बदमाश लूट के इरादे से खड़े हैं। कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान सिपाही सुमित बैसला गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दिल्ली के ओखला स्थित जाकिर नगर, गली नंबर-21 निवासी 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रिहान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया। घायल रिहान को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


सूचना मिलते ही एसपी एनपी सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली। एसपी ने बताया कि रिहान के खिलाफ शामली के अलावा बागपत, गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा में लूट समेत विभिन्न धाराओं में 90 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी ली जा रही है। बदमाश के पास से 9 एमएम पिस्टल और बाइक बरामद की गई है।
फतेहपुर में की थी लूट
एसपी ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर शाम फतेहपुर निवासी राहुल और उसका दोस्त बाइक से शामली से फतेहपुर जा रहे थे। रास्ते में रिहान और उसके साथी ने पिस्टल के बल पर उनसे नगदी, मोबाइल फोन और अंगूठी लूट ली थी। इस संबंध में बाबरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बदमाशों के पास से लूटा गया मोबाइल, अंगूठी और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है।
दिसंबर में भी झिंझाना में की थी वारदात
पुलिस के अनुसार, रिहान ने दिसंबर माह में अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर झिंझाना क्षेत्र में एक दंपती से लूट की वारदात को अंजाम दिया था। यह मामला भी झिंझाना थाने में दर्ज है। उसी के बाद रिहान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
10 साल से संभाल रहा था गिरोह की कमान
पुलिस ने बताया कि रिहान पिछले दस वर्षों से अधिक समय से अपने गिरोह की कमान संभाल रहा था। वह कुख्यात याहिया गैंग के संपर्क में भी था और उसके साथ मिलकर शामली व आसपास के क्षेत्रों में लगातार लूट और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

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