पूर्व मेयर मनोज गर्ग जनसंपर्क अभियान चलाकर जन समर्थन मांगते हुए।

जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार विधानसभा से तैयारी करना भाजपा के नेताओं पर भारी पड़ती नजर आ रही है। एक दिन पहले जहां भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से कन्हैया खेवड़िया को पदमुक्त किया तो अब पूर्व मेयर मनोज गर्ग को विशेष संपर्क समिति से बाहर कर दिया। लेकिन मनोज गर्ग ने अपने अभियान से डिगे नहीं हैं, बल्कि जनसंपर्क तेज कर दिया है। मनोज गर्ग का कहना है कि हरिद्वार विधानसभा से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, शायद संगठन में तैयारी पर फोकस रखने के लिए पदमुक्त किया होगा।
2021—सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह में भाजपा की पूरे प्रदेश की विधानसभा चुनाव-2022 हेतु समितियों का गठन हुआ था। जिसमें विशेष संपर्क समिति में हरिद्वार के पूर्व मेयर मनोज गर्ग को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार की ओर से जारी सूची के अनुसार विशेष संपर्क नीति में केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट एवं पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को प्रमुख बनाया गया, जबकि उनके साथ सह प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, बंशीधर भगत, हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य के साथ हरिद्वार के पूर्व मेयर मनोज गर्ग को नियुक्त किया गया। लेकिन अब सह प्रमुख में मनोज गर्ग की जगह भाजपा के वरिष्ठ नेता को पद दे दिया गया है। उन्हें संगठन की ओर से अवगत करा दिया गया है कि अब वे पदमुक्त हो गए हैं।

पूर्व मेयर मनोज गर्ग जनसंपर्क अभियान चलाकर जन समर्थन मांगते हुए।

लेकिन मनोज गर्ग को समिति से हटाए जाने से हरिद्वार विधानसभा में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि किया हरिद्वार विधानसभा से तैयारी करना गुनाह हो गया है। क्योंकि 12 नवंबर को कन्हैया खेवड़िया को भाजयुमो उपाध्यक्ष पद से कार्यमुक्त कर दिया गया था। लेकिन मनोज गर्ग ने पद मुक्त होेने के बाद से जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। वे जनता से अपनी उपलब्धि बताकर जनसमर्थन जुटाने में लग गए हैं।
पूर्व मेयर मनोज गर्ग का कहना है कि विशेष संपर्क समिति से जुड़े रहने से हरिद्वार विधानसभा पर फोकस करने का काम फीका पड़ सकता था, इसलिए संगठन ने कुछ अच्छा सोचते हुए पद से रिलीव किया होगा। उनका कहना है कि प्रत्याशी कमल का फूल होगा।