जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार विधानसभा के विकास कार्यों पर सवाल उठाना भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैया खेवड़िया को भारी पड़ा है। संगठन ने उन्हें पद मुक्त कर दिया है। मामले को लेकर बड़ी चर्चा का जोर है, क्योंकि कन्हैया स्वयं समाजसेवा के दम पर भाजपा से विधायक प्रत्याशी बनने की तैयारी कर रहे थे। अब देखना है कि संगठन का चाबुक चलने के बाद कन्हैया खेवड़िया पर अगला कदम क्या होगा। हालांकि उनका कहना है कि संगठन ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की है, ये सामान्य प्रक्रिया है, हो सकता है कि पार्टी ने उनके बारे में कुछ सोच रखा हो।
भाजपा के डंडे और झंडे को उठाने वाले, हमेशा पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे, जिसके सामने पार्षद का प्रत्याशी विरोधी पार्टियों को ढूंढना पड़ता हो, समाजसेवा का पर्याय बन चुके युवा नेता कन्हैया खेवड़िया को भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल ने पदमुक्त कर दिया है। कुंदन लटवाल की ओर से जारी लैटर में लिखा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्हें पदमुक्त किया गया है। हालांकि ऐसी कोई बात नहीं लिखी है कि कन्हैया ने अनुशासन भंग किया है या किस कारण से पदमुक्त किया है, लेकिन पद मुक्त होने का लैटर वायरल होते ही हरिद्वार शहर में चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। बता रहे है कि कन्हैया ने हरिद्वार विधानसभा के विकास कार्यों पर सवाल उठाया था। जिसे लेकर उन पर कार्रवाई हुई है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल को फोन मिलाया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया।

कन्हैया खेवड़िया ने लिखा कि मुझे भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष पद से पदमुक्त किया गया है। पार्टी मेरी माँ है मेरी माँ ने शायद मेरे लिए कुछ अच्छा सोचा होगा।
भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद।

