जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
देहरादून। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS) उत्तराखंड के आह्वान पर 13 सितंबर को देहरादून के परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक आयोजित पेंशन महारैली एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया था। आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि द्वारा संगठन के पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए आमंत्रित किए जाने का आश्वासन दिया गया था।
इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा NMOPS के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। NMOPS उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को विस्तारपूर्वक रखा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय महामंत्री इंजीनियर मुकेश रतूड़ी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष मुख्य रूप से पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली तथा 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को प्रमुखता से रखा। संगठन की ओर से कहा गया कि लंबे समय से शिक्षक एवं कर्मचारी इन मांगों को लेकर संघर्षरत हैं और इन विषयों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

TET के मुद्दे पर जल्द समाधान का आश्वासन
वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने TET की बाध्यता के संबंध में जल्द ही रास्ता निकालने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर सकारात्मक पहल किए जाने की बात कही।
वहीं पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और इस विषय पर सहमति बनाने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने की बात कही।
NMOPS के प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक एवं कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 13 सितंबर की महारैली में प्रदेशभर से कर्मचारियों एवं शिक्षकों की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट किया है कि पुरानी पेंशन का मुद्दा कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार के साथ संवाद के माध्यम से दोनों महत्वपूर्ण विषयों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल की अपेक्षा करता है।
प्रांतीय महामंत्री इंजीनियर मुकेश रतूड़ी ने कहा कि संगठन की प्राथमिकता कर्मचारियों एवं शिक्षकों के हितों से जुड़े इन विषयों का सम्मानजनक समाधान है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा वार्ता के लिए समय दिए जाने तथा दोनों मांगों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करने के लिए आभार जताया।
NMOPS पदाधिकारियों ने कहा कि TET की बाध्यता समाप्त करने तथा पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना पक्ष सरकार के समक्ष रखता रहेगा।

