जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। ऊषा ब्रेकों कंपनी की ओर से किराया बढ़ाने के नाम पर आए करोड़ों की धनराशि के बंटवारे में पार्षदों के निशाने पर एक पार्षद के साथ मेयर पति आ गए हैं। जांच कराने और पार्षदों की हो रही बदनामी को लेकर मात्र 15 पार्षदों ने मेयर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मनसा देवी मंदिर का रोपवे चला रही कंपनी ने चुपचाप 21 रुपये बढ़ा दिए है, जहां पहले किराया 199 रुपये था तो अब 220 रुपये हो गया है। किराया बढ़ाने का प्रस्ताव नगर निगम की बोर्ड बैठक में होना चाहिए था, लेकिन कंपनी ने बिना बोर्ड बैठक के ही किराया बढ़ा दिया है। कंपनी ने मेयर से सेटिंग गेटिंग का खेल खेलते हुए पार्षदों को मैनेज करने के लिए एक मोटी धनराशि भेंट कर दी है।

अब इस धनराशि का बंटवारा मध्य हरिद्वार के चार बार के पार्षद के हाथों सौंप दी गई, लेकिन इस पार्षद ने अपने बोर्ड के पार्षदों की कीमत अलग—अलग निर्धारित कर बंटवारा करना शुरू कर दिया। इस पार्षद ने घर—घर जाकर धनराशि दी, लेकिन इसकी पोल खुल गई। या तो इस पार्षद ने धनराशि में गेम कर दिया, या फिर कुछ ओर। हालांकि किटी पार्टी में धन गबन करने में भी इस पार्षद का नाम सुर्खियों में रहा था।
बंटवारे का खेल जब खुला जब किसी पार्षद को 1.50 लाख, तो किसी को 30 70, 50, 45, 35, 30, 25 हजार रुपये घर पहुंचाने लगा। हालांकि मेयर पति ने कितने में डील की इसका खुलासा होना बाकी है।

