जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
बकरीद पर घर बुलाकर हिंदू लड़के की हत्या करने वाले को पुलिस ने हलाल कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने संदेश दिया है कि अपराधियों के लिए कोई गुंजाइस नहीं है।
गाजियाबाद में ईद उल अजहा पर युवक को चाकू से गोदकर हत्या करने का आरोपी रविवार की सुबह पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। पुलिस ने शव मेडिकल परीक्षण को भेज दिया है। डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि थाना खोड़ा इलाके में 28 मई को सूर्या चौहान नाम के युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की तहरीर के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि मुख्य हत्यारोपी वंचित था और उसकी गिरफ्तारी पर कमिश्नरेट पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।


पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि असद अपने कुछ साथियों से मिलने थाना खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। उनसे कुछ पैसे लेकर वह बाहर भागने की फिराक में था। पुलिस पूरे क्षेत्र में लगातार कॉम्बिंग एवं बैरियर लगाकर चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान वसुंधरा क्षेत्र में असद अपने एक साथी के साथ बाइक से आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। असद ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में बाइक सवार असद पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने असद को मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में थाना खोड़ा में तैनात एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गया है। मुठभेड़ के दौरान असद का दूसरा साथी भागने में कामयाब रहा। असद से एक पिस्टल और पिस्टल बरामद की गई है।

सूर्या चौहान— फाइल फोटो

बाइक चलाने को लेकर हुआ विवाद, चार इंच तक घुसा था चाकू
सूर्या का मुख्य आरोपी से बाइक चलाने को लेकर झगड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार, झगड़ा बकरीद के दिन सुबह के समय ही हुआ था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, चाकू सूर्या के शरीर में करीब चार इंच तक घुसा था। पुलिस ने मामले को हत्या की धारा में तरमीम करते हुए मुख्यारोपी के पिता नबाव, उसके साथी आतिफ व फरहान को गिरफ्तार किया है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सूर्या व मुख्यारोपी पहले से परिचित थे। दोनों अक्सर मिलते भी थे। बकरीद पर कुर्बानी दिखाने के लिए आरोपी ने सूर्या को बुलाया था। पहले तो सूर्या ने आरोपी से मना किया था। इसके बाद ईद की पार्टी और मुबारकबाद देने की बात कही। कुछ देर की बातचीत के बाद सूर्या आरोपी की बुलाई जगह पहुंचा। इसके बाद यहां आरोपी किशोर ने वारदात को अंजाम दिया। शनिवार की सुबह से ही पीड़ित परिवार के घर लोगों का आना-जाना लगा रहा।


सूर्या हत्याकांड में 10 घंटे हंगामा
खोड़ा की नवनीत विहार निवासी 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या (17) के अंतिम संस्कार से पहले शनिवार को करीब 10 घंटे तक तनाव और हंगामा चलता रहा। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के चलते पोस्टमार्टम के बाद दोपहर लगभग 1:30 बजे शव घर पहुंचते ही माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस बीच परिवार व स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। वह आरोपियों के एनकाउंटर, घर पर बुलडोजर चलाने और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। करीब चार घंटे तक चली बातचीत के बाद प्रशासन के आश्वासन पर सहमति बनी। सरकार की ओर से परिवार को सुरक्षा, शस्त्र लाइसेंस और आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया गया।
दोपहर करीब 3:45 बजे दाह संस्कार के लिए शव ले जाने की तैयारी हुई, लेकिन हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से लोग फिर रुक गए। शाम करीब 4:12 बजे शव को एंबुलेंस में रखकर गाजीपुर स्थित श्मशान घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपाध्यक्ष संतोष सिंह और मुख्यमंत्री के ओएसडी ने भी पीड़ित परिवार से बात कर सांत्वना दी।


वायरल हुई फुटेज
शनिवार को मामले की एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें करीब 4-5 लोग किशोर को घेरकर पकड़े दिखाई दे रहे हैं। इसे वारदात के समय का बताया जा रहा है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज वारदात के बाद का है।
बाकी बचे छह आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला देना चाहिए’
सूर्या की मां सरोज कहती हैं कि मैं PM मोदी, CM योगी और मीडिया के उन लोगों का भी धन्यवाद करती हूं जिन्होंने हमारी आवाज उठाई और मेरे बच्चे को इंसाफ मिला। बाकी बचे छह आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला देना चाहिए।

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