जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
3 साल की नौकरी में सब—इंस्पेक्टर ने अपने करियर में बिना धुलने वाला धब्बा लगा लिया। मात्र 10 हजार रुपये के लालच में जेल चला गया। हालांकि मामले में वह एक लाख रुपये पहले ले चुका था। साथ ही कदृदावर नेता कैबिनेट मंत्री की भतीजी से 5 मई को होनी वाली शादी का रिश्ता भी टूट गया। हालांकि दहेज में भी करोड़ों के तोहफे, नगदी और अन्य सामान मिल जाता। हालांकि वह लोकलाज और जीवन भर की इज्जत लूटने के चलते हुए जेल में भी फूट— फूटकर रोया।
मेरठ के पल्लवपुरम थाने में तैनात 2023 बैच के दारोगा छत्रपाल को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद उनका रिश्ता टूट गया है। छत्रपाल का रिश्ता प्रदेश सरकार में पशुधन, दुग्ध विकास व राजनीतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की भतीजी से तय हुआ था, लेकिन जेल जाने के बाद लड़की पक्ष ने विवाह से इनकार कर दिया।


बताया गया है कि पांच मई को शादी होनी थी और तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी थीं। इसी बीच दारोगा के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद रिश्ता खत्म कर दिया गया। मंत्री धर्मपाल सिंह ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसे मामले सामने आने के बाद रिश्ता रखना संभव नहीं था।
जेल में रो पड़ा दारोगा
गिरफ्तारी के बाद दारोगा छत्रपाल का भावुक रूप भी सामने आया। जेल में वह फूट-फूटकर रोने लगा और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगता रहा। बताया गया है कि उसने हवालात में खाना भी नहीं खाया और अपने साथियों से मदद की गुहार लगाई।
रिश्वत लेकर क्लीनचिट देने का आरोप
मामला पल्लवपुरम क्षेत्र का है, जहां 17 नवंबर को पुलिस ने करीब 20 किलो गांजा के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इस मामले की विवेचना दारोगा छत्रपाल को सौंपी गई थी। आरोप है कि उसने एक आरोपी की पत्नी को क्लीनचिट देने के नाम पर पहले एक लाख रुपये लिए और बाद में दोबारा पैसे की मांग की। शनिवार को एंटी करप्शन टीम ने इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए थाना परिसर स्थित आवास पर छत्रपाल को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।


अधिकारियों पर भी गिरी गाज
घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। पल्लवपुरम थाना प्रभारी महेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि संबंधित क्षेत्राधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। लगातार सामने आ रहे रिश्वतखोरी के मामलों को देखते हुए 2023 बैच के दारोगाओं की विवेचनाओं की निगरानी बढ़ा दी गई है। अब थाना प्रभारी और सीओ स्तर पर मामलों का सुपर विजन किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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