ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार जिले के रुड़की में चार साल पहले 24 जून 2022 को चलती कार में महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया गया था। इस मामले में आज पीड़ित मां-बेटी को इंसाफ मिला. कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया है।
पूरा मामला जानिए
जानकारी के मुताबिक 24 जून 2022 की रात डायल-112 के जरिए रुड़की सिविल लाइन कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि ढण्डेरी ख्वाजगीपुर हाईवे पर कार सवार कुछ लोग सड़क किनारे एक बच्ची को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में पड़ी बच्ची और उसकी मां को 108 के जरिए सिविल अस्पताल रुड़की भेजा।
शुरुआत को कोई खास जानकारी नहीं दे पाई थी महिला
इस घटना के महिला काफी सदमे में थी, इसीलिए वो पुलिस को कुछ ज्यादा बता नहीं पाई थी। पीड़िता ने सिर्फ इतना बताया था कि गुलाबी रंग की शर्ट पहने सोनू नाम के व्यक्ति ने उसे अपनी बाइक पर बैठाया था। इसके बाद सफेद कार में सवार कुछ लोगों ने उसे और उसकी बेटी को जबरन अपनी कार में बैठाया था। इससे ज्यादा महिला कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं थी।
पुलिस की चुनौती
पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की, लेकिन चुनौती ये थी कि पुलिस के पास सोनू नाम के अलावा आरोपी के बारे में कोई और जानकारी नहीं थी. पीड़िता सदमे में होने के कारण घटना के संबंध में सही जानकारी देने की स्थिति में नहीं थी. हालांकि पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी और मानवीय संवेदनाओं के साथ लगातार काउंसलिंग और विश्वास में लेकर पीड़िता से संवाद स्थापित किया गया।
इसके साथ ही घटनास्थल की तस्दीक, सीसीटीवी फुटेज, संभावित मार्गों की मैपिंग और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया गया। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में पीड़िता अपनी बच्ची के साथ लगभग 8:30 बजे रुड़की क्षेत्र में दिखाई दी। इसके बाद लगभग 9:30 बजे वह एक व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर जाती हुई दिखाई दी। वहीं आगे कैमरे उपलब्ध न होने के कारण घटना की कड़ियां जोड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई।


पुलिस ने खंगाले 200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले
पुलिस टीम ने संभावित मार्गों की मैपिंग करते हुए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को बारीकी से खंगाला. तभी सोनू की पहचान महक सिंह उर्फ सोनू के रूप में हुई, जो रुड़की के एक शोरूम में काम करता था. इसके बाद पुलिस ने महक सिंह उर्फ सोनू पुत्र सरजीत निवासी ग्राम इमलीखेड़ा थाना कलियर को बाइक के साथ अरेस्ट किया।
सोनू ने बताया था कार का सच
सोनू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वो घटना के दिन एक महिला और उसके साथ एक बच्ची को कलियर छोड़ने की बात कहकर धोखे से सुनसान स्थान पर ले गया था, जहां उसने महिला के साथ संबंध बनाए थे। इसके बाद वहां सफेद ऑल्टो कार आई थी, उसके बोनट पर किसी संगठन पर झंडा भी लगा था। कार में चार व्यक्ति बैठे हुए थे, जिन्होंने आते ही उस महिला और छोटी बच्ची को जबरदस्ती कार में बैठाया और कही ले गए, वो भी वहां से घबराते हुए बिना किसी को बताए अपने घर चला आया। इसके बाद पुलिस ने सफेद ऑल्टो कार और उसमें सवार अन्य व्यक्तियों की तलाश तेज कर दी।
पुलिस ने जानकारी की तो पता चला कि उस दिन इलाके में किसान रैली थी, जिसमें कई इलाकों से बड़ी संख्या में किसान आए थे। इसके बाद पुलिस ने सफेद ऑल्टो कार की जानकारी निकालनी शुरू की, जिन पर किसान संगठन का झंडा लगा था। तभी एक ऑल्टो कार अलग-अलग जगहों पर सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दी। कार का नंबर UP12R-5646 था, जो राजीव कुमार निवासी बेलड़ा मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के नाम पर पंजीकृत थी। इसके बाद ही पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया।
पांच दोषियों के नाम—
महक सिंह उर्फ सोनू पुत्र सरजीत सिंह, निवासी ग्राम इमलीखेड़ा, थाना पिरान कलियर।
राजीव कुमार उर्फ विक्की तोमर पुत्र ब्रह्मपाल, निवासी बेलड़ा, थाना भोपा, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश।
सोनू तेजियान पुत्र यशपाल, निवासी साल्हापुर, थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश।
सुबोध कुमार पुत्र देवेन्द्र कुमार, निवासी बेलहना थाना भोपा, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश।
जगदीश पुत्र स्वर्गीय फूल सिंह निवासी साल्हापुर थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश।

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