जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। सतीकुंड के सौंदर्यीकरण का कार्य एचआरडीए और मेला कुंभ निधि से नहीं हो रहा है। बल्कि प्रदेश के अन्य विभाग से हो हो रहा है। हालांकि अभी कुंड का कार्य चल रहा है। यही, नहीं संस्था सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा होने के उपरांत पांच साल तक ऑपरेशन और मेंटिनेंस का कार्य करती रहेगी।
हरिद्वार में पौराणिक सतीकुंड का सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा है। कनखल निवासी श्री गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने 61 करोड़ में हो रहे कार्य बताकर कई सवाल दागे थे। उन्होंने कार्य एचआरडीए और मेला—कुंभ निधि से बताया था। लेकिन सतीकुंड के बाहर लगे बोर्ड ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

बोर्ड के अनुसार उत्तराखंड इनवेस्ट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट बोर्ड यूआईआईडीबी उत्तराखंड की ओर से एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड के माध्यम से एलसी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड संस्था कार्य करा रही है। इस कार्य की लागत लागत 50 करोड़ 6 लाख रुपये है, जिसमें जीएसटी और पांच साल का ऑपरेशन और मेंटिनेंस का कार्य भी शामिल है। कार्य 24 जून — 2026 को शुरू हुआ था और 15 महीने की अवधि नियत की गई है।

