जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। एक विभाग के अधिकारी को अपने अधीनस्थों से शराब चाहिए। शराब सस्ती नहीं, बल्कि महंगी होनी चाहिए। यही नहीं शराब के बाद रात की व्यवस्था भी चाहिए। जो कर्मचारी आफर पूरा नहीं करता है तो कर्मचारी का तबादला दूसरी शाखा में करने की धमकी देता है या फिर बेड एंट्री। इस अधिकारी से हर कोई परेशान है। कर्मचारी डर के मारे नहीं बोल पा रहे हैं क्योंकि विभाग में इधर—उधर की लगाने वाले भी है।
जनपद में सहकारिता विभाग से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा समिति कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारी कथित तौर पर उनसे शराब की मांग करता है और मांग पूरी न होने पर मानसिक उत्पीड़न करता है।
सूत्रों के अनुसार, कई कर्मचारी इस व्यवहार से परेशान बताए जा रहे हैं। आरोप है कि वेतन प्रस्तावों और अन्य विभागीय कार्यों में अनावश्यक अड़चनें डालकर कर्मचारियों पर दबाव बनाया जाता है। इससे कर्मचारियों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। हालांकि, इस मामले में अभी तक आधिकारिक रूप से कोई लिखित शिकायत सामने नहीं आई है। विभागीय स्तर पर भी इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। कर्मचारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कार्यस्थल का माहौल सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।

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