जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। कातिल कितना भी शातिर हो और मामला कितना भी पेचीदा हो। पुलिस ठान लें तो अपराधी सात समुद्र पार भी छिपा हो तो उसे भी सलाखों के पीछे पहुंचा देती है। हरिद्वार पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर केस में हर तकनीक का प्रयोग कर पहले तो मृतका को ढूंढा,​ फिर हत्या करने वालों को 700 किमी दूर जाकर ढूंढकर जेल पहुंचा दिया। चंडी मंदिर क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव की पहले से बामुश्किल शिनाख्त हुई, फिर हत्यारे तलाशे। मामला प्रेम प्रसंग में शादी करने के दबाव में की गई हत्या का निकला। युवक ने अपने भाई और जीजा के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
10 मई —2026 को चंडी देवी मन्दिर के रोपवे के पास टूटे हुए पैदल रास्ते पर एक अज्ञात महिला का शव बिना कपडों के पड़ा मिलने की सूचना श्यामपुर पुलिस को मिली। पुलिस टीम ने पैदल यात्रा के लिए वर्जित रास्ते से करीब 10 मीटर अन्दर घनी झाडियों के बीच से शव बरामद किया। शव सड़ा गला था। पुलिस को साक्ष्य (दो कुँडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद रंग का गमछा व महिला के गले से एक ब्लाउज जो कि गले को कस कर बांधा हुआ था) बरामद किया। घटना स्थल के आसपास मौजूद कीडे मकोडों की वजह से महिला का शव का चैहरा पूरी तरह सड चुका था जिस कारण पहचान करीब करीब असंभव सी लग रही थी।


हाथ पर लिखा था नाम
चेहरा सड़ा गला होने की वजह से पहचान करने में पेश आ रही दिक्कतों के बीच पुलिस टीम को मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में KAUSHILYA व एक गमला (Flower pot) व बाये हाथ पर दिल के आकार में अग्रेजी के केपिटल अक्षरों में K.R, व दिल के बाहर अलग से R गुदा हुआ मिला। मृतका के बाये हाथ के हथेली के पीछले हिस्से पर ॐ का निशान भी बना हुआ था।
विभिन्न प्रकार के टेक्निकल माध्यम से डीसीआरबी, एससीआरबी व एनसीआरबी को प्रेषित किया गया लेकिन शुरुआती 72 घंटे तक पहचान न हो पाने पर शव का दाह संस्कार कर चौकी चंडी घाट प्रभारी एसआई सन्तोष सेमवाल की ओर से थाना श्यामपपुर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
विभिन्न पोर्टल्स पर कौशल्या नाम की महिला की गुमशुदगी के बारे में जानकारी की गयी तो उपरोक्त माध्यमों से सन 2019 से अब तक कुल 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की जानकारी प्राप्त हुई। कुल 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां निर्वाचन कार्यालयों में रजिस्टर्ड थी। इसके अतिरिक्त जनपद की सोशल मीडिया monitoring टीम द्वारा सोशल मीडिया साइट पर कौशल्या नाम की महिला की मिसिंग या अन्य सूचना पर लगातार निगरानी की जा रही थी।


SIR प्रक्रिया के माध्यम से सभी का डाटा इकट्ठा कर सम्बन्धित थानो/ सरहदीय जनपदों में सम्पर्क करने के साथ ही लगभग 144 घण्टों का डम्प डाटा से मिले लगभग 1,64,605 नम्बरों में अंकित नामों की ट्रू कॉलर एप्प के जरीए शिनाख्त की गई।
विश्लेषण के दौरान दिनांक-08.05.2026 की सीमित फुटेज में रात के वक्त 03 संदिग्ध व्यक्ति व एक महिला को चण्डी देवी मन्दिर की तरफ जाते देखा गया। लौटते वक्त संदिग्ध के साथ महिला मौजूद नही थी। रुट चार्ट, संदिग्ध नम्बरों का बारिकी से निरीक्षण करने पर टीम के हाथ बड़ी सफलता लगी जब बांदा उत्तर प्रदेश के तीन संदिग्ध क्रमशः राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविन्दा और छेदीलाल के नाम प्रकाश में आये।
अब तक जुटाए गए सबूतों/बयानों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि तीनों संदिग्ध ने आपराधिक षडयंत्र रचकर मृतका कौशिल्या पत्नी पप्पू निवासी बांदा उत्तर प्रदेश की गला घोट कर हत्या की है। मुकदमे में धारा- 61(2) बी0एन0एस0 कर तीनों को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में जानकारी मिली कि हत्यारोपी रामप्रकाश की मृतका कौशल्या से प्रेम संबंध थे। पहले से शादीशुदा होने के बाद भी मृतका द्वारा रामप्रकाश पर शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और सगे जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। हत्या को अंजाम देने के लिए चंडी देवी दर्शन के बहाने हत्यारोपियों ने जानबूझकर घर से इतनी दूर हरिद्वार को इसलिए चुना ताकी मृतका की पहचान ही न हो पाए लेकिन हरिद्वार पुलिस ने अपनी मेहनत और विशेषज्ञता का नमूना पेश करते हुए उनकी योजना विफल कर तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।


पकड़े गए हत्यारोपी-*
1.राकेश पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योडीबाबा थाना कोतवाली नगर बांदा जनपद बांदा उ0प्र0 उम्र-25 वर्ष
2.रामप्रकाश उर्फ गोविन्दा पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योडीबाबा थाना कोतवाली नगर बांदा जनपद बांदा उ0प्र0 उम्र-20 वर्ष
3.छेदीलाल पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा थाना कोतवाली नगर बांदा जिला बांदा उत्तर प्रदेश उम्र-24 वर्ष
1. एण्ड्रायड मोबाईल फोन- 03
2. पिठ्ठू बेग- 01
पुलिस टीम में इनका रहा सहयोग
एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, सीआईयू प्रभारी नरेन्द्र सिह बिष्ट, श्यामपुर थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, एसएसआई मनोज रावत, एसआई सन्तोष सेमवाल, एसआई मोहन कठैत, रचना पठानिया, रविन्द्र गौड, दरम्यान सिंह, हेड कांस्टेबल प्रेम सिंह, पंकज देवली, कांस्टेबल राहुल देव, विनित कुमार, अनिल रावत, सुशील चौहान, तेजेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह, जितेंद्र घिल्डियाल, अजय चौहान, मनमोहन सिंह, माधुरी त्रिपाठी, सीआईयू से वसीम, उमेश, हरवीर सिंह, दीप गौड का सहयोग रहा।

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