जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। अधिवक्ता विर्क की करोड़ों की संपत्ति को डकारने वाले प्रॉपर्टी डीलर चौहान ने लाखों की एफडीआर भी फर्जी तरीके से निकाल ली। विर्क की करोड़ों की कोठी भी हड़प चुका था। बताते है कि विर्क ने प्रॉपर्टी के मामले में करोड़ों की रकम कमाई और अपने विश्वसनीय लोगों के नाम रजिस्ट्री करा देता था, लेकिन हत्या के बाद जिसके नाम पर जो संपत्ति थी उसी ने हड़प ली। क्योंकि हत्या में पत्नी का नाम आया था और बच्चे नाबालिक थे।
शहर की बहुचर्चित ड्रीम सिटी आवासीय परियोजना एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। मृतक बिल्डर एवं अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह विर्क की पत्नी ने उनके पूर्व कारोबारी साझेदार रवि चौहान पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये की एफडीआर हड़पने, जमीनों पर कब्जा करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। मामले में एसएसपी के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में ज्वालापुर स्थित सुभाष नगर निवासी रिचपाल कौर विर्क ने बताया कि उनके पति स्वर्गीय सुरेंद्र पाल सिंह विर्क और रवि चौहान पुत्र करण सिंह साझेदारी में प्रॉपर्टी डीलिंग और बिल्डर का व्यवसाय करते थे। दोनों ने वर्ष 2013-14 में रानीपुर और ज्वालापुर क्षेत्र की कृषि भूमि पर “ड्रीम सिटी” नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की थी। परियोजना का लेआउट हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण से 17 जून 2014 को स्वीकृत कराया गया था।
शिकायत के अनुसार कॉलोनी परियोजना के लिए सुरक्षा मद में कुल 23 लाख 17 हजार रुपये की पांच एफडीआर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में जमा कराई गई थीं। इनमें चार एफडीआर पांच-पांच लाख रुपये और एक एफडीआर 3.17 लाख रुपये की थी।
रिचपाल कौर का कहना है कि वर्ष 2015 में उनके पति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद वह और उनके दोनों बेटे योरावर सिंह विर्क व सशवीर सिंह विर्क कानूनी वारिस बने। आरोप है कि पति की मौत के बाद रवि चौहान ने कथित रूप से फर्जी शपथ पत्र तैयार कर उनके नाम से जाली हस्ताक्षर किए और उसे विकास प्राधिकरण में जमा कर दिया। आरोप है कि इसी कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर 8 जनवरी 2016 को 13.17 लाख रुपये की एफडीआर अपने पक्ष में अवमुक्त करा ली गई और बाद में रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली गई। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब वह हाल ही में ड्रीम सिटी परियोजना से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी लेने विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंचीं। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर अन्य संपत्तियों में भी धोखाधड़ी की। उनका कहना है कि 23 अप्रैल 2026 को जब उन्होंने इस संबंध में रवि चौहान से बात की तो उसने और उसके बेटे ऋषभ चौहान ने कथित तौर पर बाडीगार्डों के सामने उन्हें धमकाया और जमीन का दावा छोड़ने को कहा।
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

