जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। कुंभ के बजट से शंकर आश्रम तिराहे से लेकर सिंहद्वार तक बनी सड़क की गुणवत्ता को देख हर कोई हैरान है। रात में बनी सड़क सुबह को वाहनों के पहियों से ही उखड़ गई। हर कोई कुंभ के अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।

बुधवार की रात्रि को शंकर आश्रम तिराहे से लेकर सिंहद्वार के पास शिवमूर्ति तक तारकोल की काली सड़क बनाई गई। कुंभ के इस निर्माण कार्य की एजेंसी पीडब्ल्यूडी है। सड़क की गुणवत्ता इतनी कमजोर निकली कि वाहनों के पहियों से ही बजरी निकल गई। थोकर मारो तो दूर तक की बजरी निकलती नजर आई।

सड़क के दोनों तरफ सघन बाजार है, लेकिन एक भी व्यापारी घटिया गुणवत्ता के खिलाफ आवाज नहीं उठा सका। ये हाल तो जब है कि इस क्षेत्र से हर विभाग का अधिकारी हो या मंत्री, विधायक के साथ सभी नेतागण, इसी रास्ते से दिन में कई बार गुजरते हैं। लेकिन सभी की चुप्पी पर सवाल उठता है।

हालांकि हरिद्वार में आमजन कभी सड़क पर नहीं उतरता है और व्यापारी तो पहले से ही जीएसटी के छापों से डरा हुआ था, उन्हें भय है कि यदि सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर सवाल उठाएंगे तो उन पर पता नहीं किस विभाग का छापा लग जाए।
