जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334ए (पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार) के चौड़ीकरण एवं निर्माण को लेकर हरिद्वार जिले के 23 गांवों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने आदेश जारी कर प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए चिह्नित भूमि को छोड़कर शेष भूमि पर लगी खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री-बैनामा एवं भूमि की प्रकृति में परिवर्तन संबंधी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार इससे पूर्व 7 जुलाई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से तहसील हरिद्वार एवं लक्सर क्षेत्र के 23 गांवों की भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री-बैनामा तथा भूमि की प्रकृति में परिवर्तन पर रोक लगाई गई थी। यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के मद्देनजर की गई थी। अधिग्रहित भूमि के संबंध में धारा-3ए की गजट अधिसूचना का प्रकाशन भी किया गया था।
प्रस्तावित अधिग्रहण वाली भूमि रहेगी अलग
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग, देहरादून के अधिशासी अभियंता की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में बताया गया कि परियोजना से प्रभावित 23 गांवों में भूमि के क्रय-विक्रय, बैनामे एवं भूमि की प्रकृति में परिवर्तन पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि राजस्व की हानि न हो और भू-स्वामियों को भी लाभ मिल सके।
इसके बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334ए के चौड़ीकरण/निर्माण से प्रभावित तहसील हरिद्वार एवं लक्सर के 23 गांवों की भूमि में से जिन खसरा नंबरों का धारा-3ए के तहत गजट प्रकाशन हो चुका है और जिन्हें प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए पृथक किया गया है, उन्हें छोड़कर शेष खसरा नंबरों पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा दी गई है।
ग्रामीणों और भू-स्वामियों को राहत
रोक हटने के बाद प्रस्तावित अधिग्रहण वाली भूमि को छोड़कर शेष भूमि के स्वामी नियमानुसार अपनी जमीन की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री-बैनामा आदि करा सकेंगे। साथ ही भूमि की प्रकृति में परिवर्तन से संबंधित प्रक्रियाएं भी नियमानुसार की जा सकेंगी।
प्रशासन के इस निर्णय से राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित क्षेत्र के उन भू-स्वामियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी भूमि प्रस्तावित अधिग्रहण की सीमा में नहीं आती है। इससे लंबे समय से भूमि संबंधी लेन-देन पर लगी रोक के कारण परेशान लोगों को राहत मिलेगी।
