जोगेंद्र मावी, ब्यूरो

हरिद्वार। जिला पंचायती राज विभाग में 5 करोड़ का घोटाला करने का काका तैयार हो गया था। पूरा ताना-बाना पूर्व डीपीआरओ मो मुस्तफा खान ने तैयार कर दिया था। कई गांव में बिना सोलर लाइट लगाई ही रुपए निकलवा दिए गए थे। लाइट की कीमत भी 4 गुना ज्यादा रखी गई थी।

हरिद्वार के जिला पंचायती राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने निरीक्षण में कई गांव का मामला पकड़ लिया है। भगवानपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अनुज शर्मा को पद से हटकर लक्सर ब्लॉक में टच कर दिया गया है। उसने बिना लाइट लगवाए ही 1,48,000 रुपए का भुगतान ठेकेदार को कर दिया। जिले के कई गांवों में सोलर लाइट का बजट निकालने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। पूरे जनपद में करीब 315 गांवों में लाइट लगनीं थी। कुछ गांव में लग गई थी, जहां पर कीमत से चार गुना ज्यादा का भुगतान किए जाने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों ने डीपीआर तैयार करके रखी हुई है।

अब दलालों का भंडाफोड़ होने पर दोबारा से डीपीआरओ मोहम्मद मुस्तफा खान को वापसी कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। इन्हें शासन की प्रक्रिया पर कोई भरोसा नहीं है। प्रशासनिक प्रक्रिया को दलाल पंगु साबित करने में लगे हुए हैं। यदि पंचायती राज में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही अधिकारी नियुक्त रहेंगे तो प्रशासन कैसे चलेगा, यानी फिर किसी भी अधिकारी को हटाना या उसका तबादला करना मुश्किल होगा। हालांकि मुस्तफा खान दलालों के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट पर गए हैं। पूरा खर्चा भी ठेकेदार दलाल उठा रहे हैं, फिर ठेकेदार वही कीमत कई गुना बिल लगाकर वसूलेंगे लेंगे।

विभागीय सूत्रों की मान्य तो पूर्व डीपीआरओ मोहम्मद मुस्तफा खान कई बल्ब का गलत तरीके से भुगतान कर गए हैं, उनकी भी जांच जारी है। डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह की वापसी होने पर दलालों के मंसूबे पानी में डूब गए हैं।

अब देखना होगा कि सोलर लाइट के नाम पर करीब 5 करोड़ का घोटाला होने से रुक पाएगा या नहीं।

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