जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। आशंकित एवं फर्जी वोटो पर लगाई जा रही आपत्तियां एवं उनके कटने से हार का डर सता रहा कांग्रेस के विधायक आपत्ति कर्ताओं को धमका रहे हैं।
यहां तक उन पर मुकदमे दर्ज करने की धमकी की दी जा रही है। क्षेत्र में कोई विकास न कराने वाली विधायक अनुपमा रावत तो इतनी परेशान हो गई है कि फर्जी वोटो के कटने से उन्हें अभी से अपनी हार का डर लगने लगा है। वह धर्म विशेष के लोगों की भावना लूटने के लिए लगातार मीडिया का सहारा ले रही हैं। जबकि निर्वाचन विभाग का नियम है कि यदि किसी व्यक्ति की संदिग्ध वोट पर किसी ने आपत्ति दर्ज कर दी है और वह व्यक्ति मौजूद है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाने की किसी की ताकत नहीं है। लेकिन कांग्रेस के विधायक जन भावना लूटने के लिए लगातार सत्ताधारी पार्टी पर आरोप लगा रही है। क्योंकि उनके कार्यकाल को साढे चार साल का समय हो चुका है और इस अवधि में क्षेत्र की जनता को वे संतुष्ट नहीं कर सके हैं, तो वह अब झूठ का सहारा ले रहे हैं। अधिकारियों पर भी बेवजह का दबाव बना रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे फर्जी वोट ही उनका सहारा है।
पूरे मामले में भाजपा के जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने पूरी स्थिति स्पष्ट करी है।

भाजपा के जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा।

भाजपा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कांग्रेस के विधायक और नेताओं के द्वारा सरकार की एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाने पर ब्यान दिया है। उन्होंने कहा कि आपत्ति दाखिल करना निर्वाचन द्वारा अधिकार दिया गया है। इसके लिए एक प्रक्रिया है, उस निर्धारित आधार पर आपत्ति दर्ज कराई जा रही है।
कांग्रेस के विधायक एवं अन्य नेतागण भारतीय जनता पार्टी एवं अन्य लोगों के व्यक्तिगत नाम पर जो आरोप लगा रहे हैं, उससे स्पष्ट होता है कि उनका विधिक प्रक्रिया में कोई विश्वास नहीं है। हमारा उन्हें सुझाव है कि वे सार्वजनिक ब्यानबाजी से जनता को भ्रमित करने के बजाय आम जनता के बीच जाकर जनहितैषी कार्य करें। अपने पिछले साढे चार साल के असफल कार्यकाल को इस ब्यानबाजी से छुपाने का प्रयास न करें।
कांग्रेस के नेताओं को अपना जनाधार बचाने के लिए भाजपा के नेताओं पर आरोप लगाने का मौका मिलना चाहिए। जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां लगाई जा रही हैं, उन्हें सुनने का अवसर मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *