जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। जमालपुर कलां सहकारी समिति द्वारा करीब 9 लाख रुपये की लागत से खरीदे गए कृषि ड्रोन के उपयोग को लेकर उठे सवालों के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां मोनिका चुनेरा ने जांच के आदेश देते हुए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
गन्ना विकास समिति लिमिटेड सीतापुर-ज्वालापुर के उपाध्यक्ष विशेष चौहान ने किसानों के हित में यह मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि फसलों पर दवा, खाद एवं कीटनाशकों के छिड़काव के लिए खरीदा गया आधुनिक कृषि ड्रोन लंबे समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था, जिसके कारण क्षेत्र के किसान इस तकनीक के लाभ से वंचित थे।
मामला प्रकाश में आने के बाद सहकारिता विभाग हरकत में आया और जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई। उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद ड्रोन का नियमित संचालन शुरू कराया जाएगा, जिससे किसानों को कम समय, कम लागत और अधिक दक्षता के साथ फसलों पर छिड़काव की सुविधा मिल सकेगी।
उपाध्यक्ष विशेष चौहान ने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाओं का लाभ दिलाना और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन की पहल के बाद जल्द ही यह ड्रोन खेतों में उड़ान भरता नजर आएगा और किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि कार्यों को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाएगा।
जिला सहायक निबंधक मोनिका चुनेरा ने बताया कि ड्रोन से संबंधित जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्राप्त हो जाएगी। जांच पूरी होने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ड्रोन का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके।

