जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। अवैध तरीके से चल रहे सट्टा, ऑनलाइन गेम पर सट्टा, जुआ का कारोबार अब देश में नहीं चलेगा। इस अवैध कारोबार से प्रतिदिन अनेकों घर और जिंदगी बर्बाद हो रही थी। लेकिन केंद्र सरकार ने यह बड़ा ही अह्म काम किया है। इस अवैध धंध करने वालों पर अब तीन वर्ष तक की कैद और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना होगा। हालांकि पुलिस प्रशासन के लिए इस गोरखधंधे को बंद कराना बड़ी चुनौती होगी।
लोकसभा ने बुधवार को पैसे से खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा विधेयक पारित कर दिया। इसका मकसद इन गेम्स की लत, धन शोधन और वित्तीय धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाना है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
लोकसभा ने बुधवार को पैसे से खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा विधेयक पारित कर दिया। इसका मकसद इन गेम्स की लत, धन शोधन और वित्तीय धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाना है। ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025, ऑनलाइन मनी गेम्स से संबंधित विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ऐसे किसी भी गेम के लिए धन की सुविधा प्रदान करने या स्थानांतरित करने से रोकता है।
सदन में विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की संक्षिप्त टिप्पणी के बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। ऑनलाइन मनी गेम वह गेम है जिसे यूजर पैसा और अन्य फायदे जीतने की उम्मीद में पैसा जमा करके खेलता है।
यह विधेयक सभी ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ (सट्टा और जुआ) गतिविधियों को गैरकानूनी घोषित करता है। ऑनलाइन फैंटेसी खेलों से लेकर ऑनलाइन जुआ (जैसे पोकर, रम्मी और अन्य कार्ड गेम) और ऑनलाइन लॉटरी तक इस बिल के कानून बनने के बाद अवैध हो जाएंगे। संसद के दोनों सदनों की ओर से विधेयक पारित हो जाने के बाद, ऑनलाइन मनी गेमिंग की पेशकश या सुविधा प्रदान करने पर तीन वर्ष तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

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