जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी की कार्यकारिणी का गठन हो चुका हैं, लेकिन अभी प्रासंगिक मोर्चा (फ्रंटल संगठन) के अध्यक्षों के साथ मंडलों की घोषणा शेष है। मुख्य संगठन के बाद युवा मोर्चा सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, जिसके माध्यम से हरिद्वार क्षेत्र की सात विधानसभाओं में वैश्य समाज को साधने के लिए समाज के नेता को जिम्मेदारी देने की जरूरत है।


भाजपा के प्रासंगिक मोर्चे (फ्रंटल संगठन) हैं। किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा, युवा मोर्चा, अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा हैं। लेकिन फिलहाल युवा मोर्चा पर फोकस है। क्योंकि मुख्य संगठन के बाद युवा मोर्चा की भूमिका विशेष रहती है। अब मुख्य संगठन का गठन होने के बाद अब प्रासंगिक मोर्चों के गठन की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें हरिद्वार जिले में यूं तो तमाम युवा नेता दावेदार हैं, लेकिन संगठन में किसी वैश्य समाज की हिस्सेदारी पर जोर है। क्योंकि हरिद्वार में कांग्रेस ने वैश्य समाज की वोटों को साधने के लिए अमन गर्ग पर दाव खेला है। इसलिए अब वैश्य समाज को साधने के लिए भाजपा को भी समाज के ही नेता को साधने की जरूरत होगी। जिसमें भाजयुमो के अध्यक्ष पद के लिए युवा नेता पार्षद सचिन अग्रवाल फिट बैठते हैं। फिर हरिद्वार के जिलाध्यक्ष ब्राह्मण समाज से है और वैश्य समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अहम पद देने की जरूरत है।


भाजपा के युवा नेता सचिन अग्रवाल बैरागी क्षेत्र से दो बार से पार्षद है। जनता के बीच में उनकी अच्छी पकड़ है। खासकर युवाओं के बीच में रहते हैं और युवाओं की नब्ज पर उनकी पकड़ मजबूत है। उनकी कार्यशैली और व्यवहार के सभी कायल है। सचिन अग्रवाल ने समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी नाम किया हुआ है। कोरोना कार्यकाल में तो उन्होंने अपने क्षेत्र का निवासी हो या कोई अन्य जरूरतमंद, सभी की सेवा के लिए आपदा के समय में अग्रसर रहे।

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