जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। नगर कोतवाली प्रभारी पुलिस ने हत्या का खुलासा 8 घटे के अंदर कर दिया। हालांकि अभी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस स्वयं वादी बनी है।
25 मार्च को पुलिस को सूचना मिली की कि मायादेवी मंदिर पार्किंग में 02 लोगों में लडाई हो रही है और एक लड़का दूसरे आदमी के सिर पर पत्थर मार रहा है। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार मय पुलिस टीम के घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर देखा कि एक व्यक्ति जिसकी उम्र- लगभग 45 वर्ष प्रतीत हो रही थी। जोकि लहूलुहान अवस्था मे पड़ा हुआ था। जिसको प्राथमिक उपचार के लिये जिला अस्पताल भेजा गया जहाँ चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया।
मृतक की शिनाख्त न होने का कारण पुलिस को स्वयं वादी बनकर अभियोग पंजीकृत कराने हेतु निर्देर्शित किया। नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह द्वारा घटना का अनावरण करने के लिये टीमें गठित की गईं तथा साक्ष्य एकत्रित करने के लिए मोके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया। जिनके द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए व अन्य गठित टीमों द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया। आसपास गंगाघाटों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व पार्किंग में चेकिंग करवाई गई तो घटना में सीसीटीवी में दिखाई देने वाले संधिग्ध व्यक्ति ललतारा पुल से बजरंगी ई-रिक्शा स्टेशन को जाने वाले रास्ते के दाहिनीं और बने खोखे के पास दिखाई दिया।

नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि जिसको टीम द्वारा मोके पर ही पकड़ लिया और घटना के समंध में जानकारी की गई तो पकड़े गए। लड़के ने अपना नाम संजीव पुत्र नरेश निवासी- सिरसी रहमतपुर थाना मैनाढेर जिला संभल उत्तर प्रदेश उम्र करीब 20 वर्ष बताया। उसने बताया कि इस आदमी के साथ लगभग 15 दिन से है औऱ हम साथ मे कूड़ा बीनते थे। उन्होंने मृतक के साथ शराब पी थी औऱ पेड़ के नीचे सो रहे थे तो यह मेरे साथ यह गलत काम करने की कोशिश करने लगा। तो मैंने 3-4 बार मना किया, लेकिन यह मान नही रह था। इसको ज्यादा नशा हो रहा था और जबरदस्ती करने लगा तो मेरे द्वारा पास में पड़े पत्थर से इसके सिर पर 02 से 03 वार किए तो इसके सिर से खून बहने लग गया तो मैं वहां से डर के कारण भाग गया था।
बरामद -आला कतल पत्थर
पुलिस टीम
नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह, एसएसआई नन्दकिशोर ग्वाडी, एसआई चरण सिंह चौहान, एसआई संजीत कंडारी, निर्मल रांगड़ का सहयोग रहा।

