जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार के एसएसपी के दरबार में पहुंचे मामले में पीड़ित की बात कार्यालय में तैनात एक कांस्टेबल ने सुनी और उसे रानीपुर कोतवाली भेज दिया। जहां से उसे सुमननगर चौकी भेज दिया, जहां पीड़ित की शिकायत पर सिपाही ने संबंधित प्रॉपर्टी डीलर से बात की तो डीलर ने सिपाही को धमका दिया।
लक्सर तहसील के ग्राम खेड़ी खुर्द निवासी सिकंदर का मामला है। सिकंदर ने सलेमपुर महदूद निवासी प्रॉपर्टी डीलर राव जुनैद को प्लॉट खरीदने के लिए कई लाख रुपये चार साल पहले दिए थे। चार साल की अवधि गुजर जाने के बाद भी सिकंदर को न तो प्लॉट मिला और न ही रुपये मिल सके हैं।
सिकंदर अपनी फरियाद लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचा। लेकिन वहां पर एसएसपी से मिलने नहीं दिया गया। लेकिन घंटों तक खड़े रहने पर एक कांस्टेबल ने उसका प्रार्थना पत्र देखा और रानीपुर कोतवाली में भेज दिया। कोतवाली में जाने के बाद उसे सुमननगर पुलिस चौकी भेज दिया। जहां पर चौकी इंचार्ज को कोर्ट जाना बताया तो उसकी फरियाद एक सिपाही ने सुनी। सिपाही ने फोन संबंधित प्रॉपर्टी डीलर राव जुनैद को मिलाया। बातें सुनकर प्रॉपर्टी डीलर जुनैद ने सिपाही को लगे हाथों हड़का दिया कि तुमने रुपये दिलवाने का ठेका लिया है। वह यही तक नहीं रुका प्रॉपर्टी डीलर ने सिपाही से कहा कि जो फरियादी चौकी आया है उससे कह दो कि जो उखाड़ना है उखाड़ लो।
पीड़ित सिकंदर का कहना है कि उसका मकान बरसात में धंस गया है। कभी भी मकान की छत या दीवार गिर सकती है। वह अपनी पीड़ा लेकर किसके पास जाए जो उसका समाधान करवा सके।
