जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
गंगनहर में एक युवती कूद गई। वह बस से उतरी और अपना बैग पुल पर रखा। उसके गंगनहर में कूदते ही कुछ युवकों ने जान की बाजी लगाकर युवती को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी। पता चला कि युवती पीएचडी कर रही थी।
मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवती ने जानी पुल से गंगनहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर मौजूद युवकों ने बहादुरी दिखाते हुए उसे नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
बस से उतरकर पुल से लगाई छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बागपत की ओर से आई एक रोडवेज बस से हल्के लाल रंग का सूट पहने एक युवती जानी गंगनहर पुल पर उतरी। कुछ देर तक वह पुल पर टहलती रही, जिससे किसी को कोई संदेह नहीं हुआ। अचानक युवती ने अपना महरून रंग का बैग पुल पर रखा और देखते ही देखते गंगनहर में छलांग लगा दी।
युवकों ने बचाने की कोशिश की
युवती को नहर में कूदते देख आसपास मौजूद कुछ युवक उसे बचाने के लिए गंगनहर में कूद पड़े। गांव चंदौरा के सामने युवकों ने करीब एक किलोमीटर तक तैरकर कड़ी मशक्कत के बाद युवती को बाहर निकाला, लेकिन काफी देर तक पानी में रहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर जानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बैग से मिला बस टिकट और दवाइयां
पुलिस को युवती के बैग से रोडवेज बस का टिकट और कुछ दवाइयां बरामद हुई हैं। टिकट बागपत जिले के टटीरी कस्बे से जानी तक का है, जिस पर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे का समय अंकित है। पहले युवती की पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी भेज दिया।
पीएचडी छात्रा थी युवती
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि रात में युवती की पहचान उसके भाई रोहित पुत्र महेश निवासी हसनपुर मसूरी थाना खेकड़ा जिला बागपत ने अपनी बहन नेहा उर्फ कोमल (25) के रूप में की। परिजनों के अनुसार मृतका पीएचडी की छात्रा थी और घरेलू कारणों से अवसाद में थी। इसी कारण वह घर से बिना बताए निकल गई थी।

