जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। लक्सर रोड पर जगजीतपुर में शराब के ठेके को हटवाने के लिए आमजनों के साथ पार्षद सुमित त्यागी धरने पर बैठ गए। शराब का ठेका दर्जनों शिक्षण संस्थानों के बीच में चल रहा है। ठेके के होने से एक किमी तक शराबियों का जमघट और अड्डा बना रहता है। शाम होने के बाद तो यहां से निकलना मुश्किल रहता है। यही नहीं आसपास में तमाम ऐसे हार्ट खुल गए हैं, जोकि शराब पिलवाने के लिए मशहूर है। हालांकि ज्वालापुर कोतवाली पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन कनखल पुलिस मूक बनी हुई है।
लक्सर रोड पर जगजीतपुर में शराब के ठेके खुले हुए हैं। इसे हटाने के लिए स्थानीय निवासियों ने टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। पार्षद सुमित त्यागी ने कहा कि इस क्षेत्र में डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, शिवडेल पब्लिक स्कूल, गुरु राम राय, एचईसी पीजी कॉलेज, अचीवर्स होम, महर्षि इंटर कॉलेज, एसएम पब्लिक स्कूल के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज, अमृता डिग्री कॉलेज जैसे प्रसिद्ध शिक्षण संस्थानों के साथ कई कोचिंग सेंटर है। इन सभी शिक्षण संस्थानों के स्टूडेंट इसी ठेके के सामने होकर गुजरते है। इस शराब के ठेकों पर सुबह से शराबियों का जमघट लग जाता है। दोपहर में जब स्कूलों का अवकाश होता है तो ये शराबी सड़क पर हुडदंग करते हुए मिलते हैं, शाम को तो पूरा क्षेत्र मयखाना बन जाता है। ठेके के सामने से लक्सर रोड पर स्थित सैकड़ों गांवों के निवासियों का आवागमन होता है, उन्हें बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार तो सड़क को भी पूरी तरह से बंद कर देते हैं, सड़क के बीचोबीच में गाड़ी खड़ी कर शराब लेने के लिए जाते हैं। कोई हटने के लिए कह दे तो उसके साथ मारपीट करने को उतारू हो जाते हैं।

महिलाओं के लिए तो इस क्षेत्र में रहना ही मुश्किल हो जाता है। शाम को खाली प्लॉट हो या सड़क के किनारे की दुकान, रेंस्टोरेंट, धाबे सभी मयखाना बन जाते हैं और उनके सामने भी खड़े होकर पूरे जाम से जाम ठकराते हुए मिलते हैं।
सुमित त्यागी ने कहा कि इस शराब के ठेके से स्टूडेंट पर बुरा असर पड़ रहा है। नवयुवक शराब के आदी हो जाएंगे। इस शराब के ठेकों को जंगल के क्षेत्र में शिफ्ट करने की जरूरत है।
तहसीलदार ने दिया सात दिन का समय
तहसीलदार सचिन ने शराब का ठेका हटवाने के लिए धरने पर बैठे वालों को सात दिन का समय दिया। पार्षद सुमित त्यागी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ये शराब का ठेका नहीं हटवाया तो आंदोलन उग्र होगा।

