जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबलों के ग्रेड पे से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को ₹4600 ग्रेड पे के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) के समक्ष नया प्रत्यावेदन दाखिल करने की अनुमति दी है। साथ ही, डीजीपी को निर्देश दिया गया है कि वे यह प्रत्यावेदन प्राप्त होने की तारीख से छह माह के भीतर मामले पर निर्णय लें।
यह मामला उन हेड कांस्टेबलों से संबंधित है जिन्हें वर्ष 2001 में सिपाही के पद पर नियुक्त किया गया था। ये कॉन्स्टेबल द्वितीय सुनिश्चित करियर पदोन्नयन (ACP) के तहत ₹4600 ग्रेड पे की मांग कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने 7 जनवरी 2022 के उस शासनादेश को चुनौती दी थी, जिसमें राज्य सरकार ने ग्रेड पे के बजाय ₹2 लाख की एकमुश्त राशि देने का प्रावधान किया था।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यह शासनादेश मुख्यमंत्री की उस घोषणा के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि वर्ष 2001 से सेवा कर रहे कांस्टेबलों को ₹4600 ग्रेड पे प्रदान किया जाएगा। उन्होंने 11 दिसंबर 2021 से ग्रेड पे और उसके बकाया भुगतान की भी मांग की थी। अदालत के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वे वर्ष 2021 में ही द्वितीय एसीपी के तहत ₹4600 ग्रेड पे के पात्र हो चुके थे।
राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि हेड कांस्टेबलों के लिए अगला प्रोन्नति पद असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) है, जिसे वर्ष 2023 में सृजित किया गया। इसलिए, इस पद को आधार बनाकर ग्रेड पे की मांग भ्रामक है। इस पर याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि 2023 में नए पद का सृजन उनकी 2021 की पात्रता को प्रभावित नहीं कर सकता।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ताओं को दो सप्ताह के भीतर नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने डीजीपी को कानून के अनुसार पूरे मामले पर विचार कर छह महीने के भीतर विवेचित आदेश पारित करने का निर्देश देते हुए रिट याचिका का निस्तारण कर दिया।

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