ब्यूरो रिपोर्ट
कानून सभी के लिए बराबर है। कानून का रखवाला हो या आमजन। लेकिन कुछ अधिकारी पद पर नियुक्त होने पर पद का दुरुपयोग करते हैं। दिल्ली पुलिस की विजिलेंस शाखा ने 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर बिना अनुमति के छापेमारी करने, एक विदेशी नागरिक को अवैध रूप से हिरासत में रखने और संपत्ति में हेराफेरी जैसे गंभीर आरोप हैं। 2022 में भी एक बार में भी महिला के साथ बदसलूकी करने के मामले में उन पर कार्रवाई हुई थी। यानि यूं कहें कि विवादों से इनका पुराना नाता रहा है।
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस शाखा ने 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर बिना अनुमति के छापेमारी करने, एक विदेशी नागरिक को अवैध रूप से हिरासत में रखने और संपत्ति में हेराफेरी जैसे गंभीर आरोप हैं। यह एफआईआर (FIR 02/2026) बाराखंभा रोड विजिलेंस थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं में दर्ज की गई है।
यह कार्रवाई आईपीएस अधिकारी शंकर चौधरी के पिछले कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं से संबंधित है। गृह मंत्रालय द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद, जांच में पाए गए तथ्यों के आधार पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शंकर चौधरी, जो एजीएमयूटी कैडर के अधिकारी हैं, पर आरोप है कि उन्होंने 21 से 30 नवंबर 2023 के बीच ये कथित अनियमितताएं कीं। उन पर आईपीसी की धारा 166 , 341, 342 और 409 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच और प्राथमिकी की प्रक्रिया
गृह मंत्रालय ने इन कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे। विजिलेंस शाखा ने गहन जांच के उपरांत इन आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया और उसी के आधार पर आईपीएस अधिकारी शंकर चौधरी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। यह घटना सरकारी तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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