जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का मामला सबूतों के साथ सामने आया। निश्चित क्षेत्र में खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद पौकलेंड, एचएम मशीनों से जमकर खनन सामग्री निकाली गई। शिकायतकर्ता ने जानजोखिम में डालकर ड्रोन के माध्यम से सबूत जुटाकर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं।
उत्तराखंड के उच्च न्यायालय नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश को जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से शिकायत प्रेषित की। शिकायती पत्र के माध्यम से अवैध खनन होने के उच्च न्यायालय द्वारा 30-07-2025 को पारित आदेश की अवहेलना किए गए जाने के संबंध में साक्ष्य भी उपलब्ध कराए।
शिकायत पत्र के अनुसार गंगा किनारे हरिद्वार स्थित स्टोन क्रेशरों व पट्टों को बंद करने के लिए 30-07-2025 को आदेश पारित कर रोक लगायी गई थी। लेकिन खेद का विषय है कि हाईकोर्ट के आदेशों की पूर्णतया अवहेलना स्टोन क्रेशर मालिकों व खनन माफियाओं द्वारा की जा रही है। धड़ल्ले से पोकलैण्ड मशीन, एचएम मशीन व 40-50 डम्परों द्वारा ग्राम हरदवेपुर सहदेवपुर उर्फ रानीमाजरा में भारी मात्रा में खनन बिना किसी रोकटोक के अधिकारियों की मिली भगत से किया जा रहा है। जिसके प्रमाण स्वरूप प्रार्थी द्वारा रात्रि को अपनी जान जोखिम में डालते हुए लोकेशन फोटो दिनांक 22 दिसंबर-2025 को ड्रोन द्वारा फोटोशूट किया गया। जिसमें साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि मशीनों और डम्परों द्वारा खुलेआम खनन करते हुए स्टोन क्रेशरों पर खनन सामग्री को पहुंचाया जा रहा है, जिस कारण हाईकोर्ट के आदेशों की खुली अवमानना की जा रही है।
अतः आपसे सादर अनुरोध है कि कृपया उक्त प्रकरण में लिप्त विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के पूछताछ करते हुए खनन माफियाओं व स्टोन क्रेशरों पर शिकंजा कसने की कृपा करें तथा इनके विरूद्ध उचित धाराओं में मुकदमें दर्ज कर राजस्व वसूली की कार्यवाही अमल में लायी जाये साथ ही यह भी ज्ञात किया जाये कि किसके आदेश पर यह अवैध कार्य इतनी बड़ी मात्रा में किये जा रहे है।
शिकायतकर्ता लोहित कुमार ने जिला प्रशासन को लोकेशन, फोटोग्राफ व ड्रोन फोटो भी उपलब्ध कराए। साथ ही शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, खनन अधिकारी, खनन सचिव, मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की।
खनन की सांकेतिक फोटो