जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। कर्ज से डूबे एक 35 वर्षीय सर्राफ कारोबारी ने अपनी पत्नी के साथ जीवनलीला समाप्त कर ली। कारोबारी ने हरिद्वार में आकर गंगनहर में छलांग लगाई और छलांग लगाने से पहले सुसाइड नोट के साथ अपनी लोकेशन और सेल्फी का फोटो अपने परिजनों को भेजा था। कारोबारी का शव तो गंगनहर में मिल गया है, लेकिन अभी पत्नी का शव नहीं मिल सका है। कारोबारी पर मोटी धनराशि का कर्जा था। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं इतना ब्याज दे चुका हैं कि अब मेरी सामर्थ नहीं हैं। कारोबारी के इस तरह के कदम उठाने से सभी हैरत में हैं। बताया गया है कि कारोबारी पर 10 करोड़ रुपये का कर्ज था।
सोमवार की सुबह रानीपुर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम जमालपुर खुर्द के पास गंगनहर में के किनारे दलदल में एक व्यक्ति का शव अटका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को गौताखोरों से निकलवाया। मृतक की जेब में एक मोबाइल फोन और पर्स बरामद हुआ। जिससे शव की शिनाख्त सौरब बब्बर निवासी सहारनपुर के रूप में हुई। मृतक ने हाथी पुल से छलांग लगाने से पहले सेल्फी लेकर परिजनों को भेजी थी। उसने परिजनों से बात करने के बाद सुसाइड नोट और अपनी लोकेशन भेजी थी।
सौरभ कमेटी और किट्टी का करता था। बाजार में उनकी श्री साईं ज्वैलर्स के नाम से दुकान थी। उन्होंने हाल ही में एक बाइक खरीदी थी। इस वजह से उस पर कर्जा का हो गया था। उनके दो बच्चे हैं। जिन्हें मरने से पहले वे नाना—नानी के पास छोड़कर गए हैं।

सुसाइड नोट में यह लिखकर दे दी जान
मैं सौरब बब्बर कर्जों के दलदल में इस कदर फंस गया हूं कि बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। अंत में मैं और मेरी धर्मपत्नी मोना बब्बर अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं, हमारी किशनपुरे वाली प्रॉपर्टी दुकान व मकान हमारे दोनों बच्चों के लिए हैं। हमारे दोनों बच्चे अपनी नानी के घर रहेंगे, इनका जीवन अब हम पति—पत्नी उनके हवाले करके जा रहे हैं। बच्चे वहीं रहेंगे। हमें किसी और पर भरोसा नहीं है। हमारे लेनदारों केा हमने अधाधुंध ब्याजे दी हैं। हम अब और नहीं दे पा रहे। हम जहां सुसाइड करेंगे उस जगह जाकर हम व्हाट्सअप पर फोटो शेयर कर देंगे।
इस दुनिया को अलविदा.
यह लिखकर सौरब और मोना ने हस्ताक्षर कर तारीख लिखी और गंगनहर में छलांग लगा दी।
मरने से पहले एक आॅडियो सामने आया
—मरने से पहले एक आॅडियो पुलिस के हाथ लगा है। जिसमें सौरभ की आवाज सुनाई दे रही हैं, वो कह रहे हैं कि गोलू ये सबको दिखा देना, हम लोग हरिद्वार में है और अब करने जा रहे हैं। ठीक है। गोलू सौरभ की दुकान पर काम करने वाला नौकर है।

